निजी विद्यालयों में पुस्तकों की मोनोपोली एवं मूल्य अनियमितताओं को लेकर आज मानव अधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर राघवेंद्र सिंह से मुलाकात की. डॉ. अजय वाधवानी के नेतृत्व में हुई इस चर्चा के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि गड़बड़ी करने वाले पुस्तक विक्रेताओं के विरुद्ध FIR दर्ज करने के आदेश दिए जा चुके हैं और मामले की विवेचना जारी है. उन्होंने अवगत कराया कि जल्द ही संगठन को भी न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण में पक्षकार बनाया जा सकता है ताकि वे अभिभावकों और छात्रों के हितों की प्रभावी पैरवी कर सकें. संगठन ने इस सख्त प्रशासनिक कार्यवाही का स्वागत किया है. जबलपुर के राइट टाउन स्थित शासकीय महाविद्यालयीन आदिवासी कन्या छात्रावास की छात्राओं ने विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों से अधीक्षिका की लिखित शिकायत कर गंभीर आरोप लगाए हैं. संभागीय उप-आयुक्त और सहायक आयुक्त को सौंपे पत्र में छात्राओं ने बताया कि समस्याओं पर बात करने पर अधीक्षिका द्वारा उनके चरित्र पर सवाल उठाकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है. शिकायत में हॉस्टल में भारी गंदगी खाने की सामग्री में चूहे होने और अधीक्षिका के हॉस्टल में निवास न करने का जिक्र है. साथ ही अधीक्षिका ने छात्राओं को कॉल या मैसेज न करने के सख्त निर्देश दे रखे हैं जिससे आपातकालीन स्थिति में छात्राएं बेहद डरी और सहमी रहती हैं. जबलपुर के गढ़ा बाज़ार क्षेत्र में नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की कथित लापरवाही के कारण सड़क निर्माण कार्य के दौरान एक विशाल पेड़ अचानक भरभरा कर गिर गया. इस हादसे में आसपास के कई मकानों को नुकसान पहुँचा है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पेड़ गिरते समय वहाँ एक हाइवा खड़ा था जिसने पेड़ के भार को रोक लिया अन्यथा शाम के समय बाज़ार में भीड़ होने के कारण एक बड़ी जनहानि हो सकती थी. स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ विशेष निर्माणों को बचाने के फेर में पेड़ की जड़ों को एक तरफ से काफी गहरा खोद दिया गया था जिससे वह कमजोर हो गया. लोगों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने और प्रशासन की इस बिना सोचे-समझे की गई कार्रवाई पर गहरा रोष व्यक्त किया है. नगर निगम की जनसुनवाई में कुंडम बागड़ा की एक युवती अपनी जॉइनिंग लेटर की शिकायत लेकर पहुंची। युवती ने बताया कि उसे नगर निगम में नियुक्ति पत्र मिला था और वह पिछले 4 महीनों से जॉइनिंग का इंतजार कर रही थी। कमिश्नर से मुलाकात के बाद खुलासा हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है और नियुक्ति पत्र फर्जी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर ने तत्काल थाने में शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए। जबलपुर के शैल्बी हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने जीरो कंट्रास्ट PCI तकनीक से जटिल एंजियोप्लास्टी कर बड़ी सफलता हासिल की।गंभीर किडनी समस्या वाले मरीज में बिना कंट्रास्ट डाई के IVUS तकनीक से सुरक्षित उपचार किया गया।डॉ. आशीष तिवारी और उनकी टीम ने जोखिम भरे केस को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।इलाज के बाद मरीज की हालत में सुधार हुआ और उसे स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया।