इंदौर में जहरीली गैस फैली लोग घरों से बाहर निकले इंदौर के रावजी बाजार थाना क्षेत्र में गुरुवार रात अमोनिया गैस के रिसाव से इलाके में हड़कंप मच गया। गैस के असर से कुछ लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई जिसके बाद दो महिलाओं समेत पांच लोगों को एहतियातन अस्पताल भेजा गया। प्रशासन के मुताबिक सभी की हालत स्थिर है और कोई भी गंभीर नहीं है। सीएमएचओ डॉक्टर माधव हसनी ने बताया कि पांचों की हालत ठीक है। डीसीपी आनंद कालादगी ने बताया कि ककतपुरा पुल के नीचे शहजाद नाम के एक कबाड़ी द्वारा सिलेंडर काटा जा रहा था। इसी दौरान उसमें से अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस फैलते ही आसपास मौजूद लोगों को घबराहट और सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। 9 IAS ने दी आदिवासी भूमि बेचने की मंजूरी 9 आईएएस अफसरों ने कलेक्टर और अपर कलेक्टर रहते हुए आदिवासियों की अरबों रुपए की करीब 1500 एकड़ जमीन गैर आदिवासियों को बेचे जाने की अनुमति दी थी। इंदौर जिले में लगभग 500 एकड़ आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की अनुमति दी गई। बड़े मामलों में ये अनुमतियां इंदौर में कलेक्टर रहे 6 आईएएस ने दी। इनमें 28 केस में तो सीधे कलेक्टरों ने अनुमति दी जबकि 72 में अपर कलेक्टर ने दीं। यह जानकारी गुरुवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने दी है। खास बात यह है कि खंडवा जिले में सबसे ज्यादा 288.631 हैक्टेयर जमीन गैर आदिवासियों को बेचे जाने की अनुमति 2009 से 2023 के बीच कलेक्टर रहते दी गई उनके नाम नहीं दिए हैं। 16 बसों के जरिये 9 करोड़ की टैक्स चोरी आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर की टीम ने यात्री बसों की टैक्स चोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गुरुवार रात को बस मालिकों और परिवहन विभाग के कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला करीब नौ करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति से जुड़ा है। ईओडब्ल्यू ने डिंडोरी जिले के बस संचालक संजय केशवानी और साधना केशवानी के साथ ही जिला परिवहन कार्यालय डिंडोरी में पदस्थ (वर्तमान में नरसिंहपुर में पदस्थ) लिपिक पुष्प कुमार प्रधान के खिलाफ धारा 318(4) 61(2) 238(सी) बीएनएस 2023 एवं धारा 7(सी) के तहत मामला दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। -इंदौर निगम में एक भी सफाई संरक्षक नहीं! मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इंदौर नगर निगम में कर्मचारियों की स्थिति को लेकर विधानसभा में दिए गए उनके जवाब में कई गलतियां मिली हैं। इसको लेकर कांग्रेस ने तो उन्हें कटघरे में खड़ा किया ही है उनकी खुद की पार्टी बीजेपी भी असहज नजर आ रही है। मंत्री विजयवर्गीय ने इंदौर नगर निगम में सफाई संरक्षक के 3900 स्वीकृत पदों को पूरी तरह खाली बताते हुए विधानसभा में कहा था कि निगम में एक भी ऐसा कर्मचारी नहीं है। हकीकत में 1200 से अधिक संरक्षक और 2400 से ज्यादा विनियमित कर्मचारी इंदौर में सफाई का जिम्मा संभाल रहे हैं। उज्जैन विक्रम व्यापार-मेले में 11 दिन में 6662 वाहन बिके उज्जैन के इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान पर शुरू हुए विक्रम व्यापार मेले में 11 दिनों में अब तक 6662 वाहन बिक चुके हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या में कारें शामिल हैं। साथ ही मोटरसाइकिल और ओमनी बस भी लोग खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप शुरू हुए विक्रम व्यापार मेले का तृतीय आयोजन इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान पर किया जा रहा है।