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राज्य
21-Feb-2026

देहरादून में चल रहे सघन सत्यापन अभियान के बीच पुलिस प्रशासन ने मकान मालिकों होटल संचालकों रेस्टोरेंट मालिकों और औद्योगिक इकाइयों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शहर में बाहरी व्यक्तियों की बढ़ती आवाजाही और सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस ने सभी संस्थानों को अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों और किरायेदारों की पहचान सुनिश्चित करने को कहा है। एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने कहा कि जिन मकान मालिकों ने अपने घरों या फ्लैट्स में किरायेदार रखे हैं वे उनका पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं। इसके अलावा होटल रेस्टोरेंट ढाबों और पब संचालकों को भी अपने यहां कार्यरत कर्मचारियों की पहचान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी और आवश्यक जानकारी पुलिस को उपलब्ध करानी होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज हरिद्वार में मेला भवन में आगामी 2027 में होने वाले कुंभ मेले की तैयारी को लेकर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कुंभ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और सभी बुनियादी सुविधाओं की समय सीमा तय कर दी गई है सभी स्थाई व अस्थाई कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले तीर्थ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं की जा रही है ताकि तीर्थ यात्री यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाएं उन्होंने बताया कि आज करीब ढाई सौ करोड रुपए की योजनाओं का शिलान्यास किया गया जिसमें सड़क बिजली पानी स्नान घाटों पार्किंग की व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा के एग्जाम शामिल है। उन्होंने बताया कि कल सभी विभागों को समन्वय से काम करने का यह निर्देश दिया गया है। आज उत्तराखंड क्रांति दल की केंद्रीय महामंत्री किरन रावत ने सरकार को घेरते हुए कहा कि पिटकुल में प्रबंध निर्देशक प्रकाश चंद्र ध्यानी की नियुक्ति माननीय उच्च न्यायालय ने रद्द कर दी है और सरकार को अंतरिम व्यवस्था करने का निर्देश दिया है l माननीय न्यायालय में अनिल चंद बलूनी राजीव गुप्ता तथा प्रवीण टंडन द्वारा दायर याचिका में पारित आदेश 18 फरवरी 2026 मैं पिटकुल के प्रबंध निदेशक की नियुक्ति को अवैध मानते हुए नियुक्ति अधिनियम के नियम 9 ए तथा 9A(4) का उल्लंघन मानते हुए सरकार को दोषी करार दिया है जो की अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार को माननीय न्यायालय द्वारा फटकार लगानी पड़ीl सरकार ने प्रबंध निदेशक की तकनीकी डिग्रियों का अवलोकन नहीं किया और ना उन्हें उनकी डिग्री में खामियां नजर आई l जबकि माननीय न्यायालय ने प्रथम दृष्टि में प्रबंध निर्देशक प्रकाश चंद्र ध्यानी की इंजीनियरिंग की डिग्री को अवैध करार दे दिया है और कहा है कि चयन प्रक्रिया में अर्हता पूर्ण नहीं की गई है देहरादून स्थित नानुरखेड़ा शिक्षा निदेशालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अशासकीय विद्यालयों से जुड़े विवाद के दौरान प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में निदेशक के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आई हैंअशासकीय विद्यालय प्रबंधन से जुड़े कुछ सदस्य अपनी मांगों को लेकर शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। इसी दौरान निदेशालय के कार्मिकों और प्रबंधन के प्रतिनिधियों के बीच कहासुनी हो गई जो देखते ही देखते तीखे विवाद में बदल गई। विवाद बढ़ने पर कुछ लोगों ने निदेशक अजय कुमार नौडियाल पर हमला कर दिया घटना के समय विधायक उमेश शर्मा काऊ भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि वे ही अशासकीय विद्यालय प्रबंधन के सदस्यों को लेकर निदेशालय पहुंचे थे। हमले के बाद घायल निदेशक को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी उत्तराखण्ड राज्य की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के प्रथम सत्र के दृष्टिगत सुरक्षा एवं अनुषांगिक व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई l बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी तथा विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा यातायात स्वास्थ्य संचार एवं अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गयी l इसी क्रम में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने बताया कि सत्र के प्रारम्भ होने से पहले सिक्योरिटी बैठक की गई है और सत्र सुरक्षित तरीके से पूर्ण हो उसके लिए बैठक रखी गयी l मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद चमोली के बिरही (बेडूबगड़) में नीति-माणा जनजाति कल्याण समिति चमोली की ओर से आयोजित तीन दिवसीय जनजाति समागम 2026 के समापन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित करते हुए सभी का अभिनन्दन किया एवं भोटिया समुदाय की नीति माणा की महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में मुख्यमंत्री का स्वागत किया मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि ये कार्यक्रम हमारी जनजातीय परंपराएं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम है।जनजातीय समाज ने सदियों से अपनी परंपराओं और प्रकृति संरक्षण की भावना को पहचान दिलाने का काम किया है। कहा हमारे सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय भाई देश के सजग प्रहरी भी है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री का मानना है कि समाज के अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक विकास पहुंचना चाहिए।