राजधानी रायपुर के भनपुरी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कावेरी इंडस्ट्रीज नामक ऑयल फैक्ट्री में आग लगने की घटना सामने आई है। आग इतनी तेज है कि उसका काला धुआं करीब 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा है जिससे आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का प्रयास जारी है। फिलहाल आग लगने के कारणों और नुकसान का आकलन नहीं हो सका है। लंबे समय से राजधानी रायपुर और उससे लगे क्षेत्रों पर भू-माफियाओं की नजर बनी हुई है। किसानों से सस्ती दरों पर जमीन खरीदकर अवैध प्लॉट कटिंग और अवैध प्लाटिंग का कारोबार खुलेआम किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह सब प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। राजधानी रायपुर के जोन क्रमांक-8 के अंतर्गत आने वाले सोन डोंगरी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध प्लाटिंग का कारोबार फल-फूल रहा है। प्रशासनिक सुस्ती के कारण वर्षों से कृषि भूमि पर अवैध प्लॉट काटकर राजस्व को चूना लगाया जा रहा है। जब इस मामले की जानकारी जोन आयुक्त को दी गई तो उन्होंने बताया कि प्रशासन तैयारी कर रहा है और जल्द ही अवैध प्लाटिंग पर नकेल कसी जाएगी। साथ ही कुछ लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई भी की जाएगी। गरियाबंद जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र में ओडिशा सीमा से लगे ग्राम भालूडिग्गी और मेटाल की पहाड़ियों में माओवादियों द्वारा डंप कर रखे गए हथियार और उपकरण बरामद किए गए हैं। संयुक्त पुलिस बल और जिला पुलिस की ई-30 एंटी नक्सल ऑपरेशन टीम की कार्रवाई में यह सफलता मिली है। पुलिस ने मौके से 2 इंसास राइफल 1 .303 राइफल 2 नग 12 बोर राइफल 1 देशी कट्टा बीजीएल सेल सहित हथियार बनाने के उपकरण जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार डीजीएन डिवीजन द्वारा छह अलग-अलग स्थानों पर ऑटोमैटिक हथियार हथियार निर्माण के वर्कशॉप से जुड़े उपकरण तथा भारी मात्रा में बीजीएल सेल डंप कर रखे गए थे जिन्हें सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद किया गया। बताया गया कि ओडिशा स्टेट कमेटी के मारे गए तीन सेंट्रल कमेटी सदस्य — चलपति मनोज और गणेश उइके — की निगरानी में तकनीकी टीम यहां हथियारों का वर्कशॉप संचालित कर रही थी। संयुक्त पुलिस बल की इस कार्रवाई को गरियाबंद क्षेत्र में नक्सली हिंसा की संभावनाओं पर बड़ी रोक के रूप में देखा जा रहा है।पुलिस के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2025 से अब तक संयुक्त पुलिस बल द्वारा 28 ग्रेडेड ऑटोमैटिक हथियार 29 अन्य हथियार कुल 57 हथियार और लगभग 300 कारतूस बरामद किए जा चुके हैं।