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21-Jan-2026

शेयर बाजार में गिरावट सेंसेक्स 700 अंक लुढ़का शेयर बाजार में आज 21 जनवरी को गिरावट का माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा टूटकर करीब 81400 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया जबकि निफ्टी में भी लगभग 200 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 25000 के आसपास बना रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 14 में तेजी और 16 में गिरावट रही। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में हल्की मजबूती दिखी जबकि मीडिया रियल्टी और आईटी शेयरों में दबाव बना रहा।बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद से जुड़ी वैश्विक अनिश्चितता रही जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर हुई। नेशनल हाईवे टोल नियम सख्त बिना भुगतान पर सुविधाएं बंद केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे पर टोल नियमों को और सख्त कर दिया है। नए प्रावधानों के तहत टोल नहीं चुकाने वाले वाहनों को अब एनओसी फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट जैसी सेवाएं नहीं मिलेंगी। यह बदलाव सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स 2026 के तहत किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन को मजबूत करना और टोल चोरी पर लगाम लगाना है। अब फास्टैग में बैलेंस कम होने या तकनीकी कारणों से टोल न कटने पर भी बकाया राशि वाहन के रिकॉर्ड से जोड़ दी जाएगी। चीनी उत्पादन में 22 फीसदी उछाल मिलों पर बढ़ा दबाव देश में गन्ने की अधिक आपूर्ति और बेहतर पैदावार के चलते चीनी उत्पादन में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2025-26 सत्र में 15 जनवरी तक चीनी उत्पादन सालाना आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 1.59 करोड़ टन पहुंच गया है जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1.3 करोड़ टन था। हालांकि उत्पादन बढ़ने के बावजूद चीनी के दाम में गिरावट आ रही है जिससे चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है और किसानों के भुगतान में देरी की आशंका जताई जा रही है। वैश्विक आईटी रैंकिंग में भारत का दबदबा बरकरार वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं के क्षेत्र में भारत ने एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। देसी आईटी कंपनियां टीसीएस और इन्फोसिस दुनिया के दूसरे और तीसरे सबसे मूल्यवान आईटी सेवा ब्रांड के रूप में उभरी हैं। 2026 की वैश्विक आईटी रैंकिंग में भारत और अमेरिका की कंपनियां लगभग बराबरी पर हैं। दुनियाभर की शीर्ष-25 आईटी सेवा कंपनियों में भारत और अमेरिका की आठ-आठ कंपनियां शामिल हैं जो वैश्विक स्तर पर भारत की तकनीकी ताकत को दर्शाता है।