सीहोर न्यायालय में आज ऐतिहासिक फैसला आया जो कि मध्य प्रदेश में सर्वाधिक पुराना मामला लंबित था जो वर्ष 1988 में लंबित हुआ था और ये EOW का मामला है जिसमें धारा 409.420.34 भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत आरोपियों को दंडित किया गया इस पूरे मामले में एक आरोपी को बरी किया गया और मामला काफी पुराना है इस दौरान वर्ष 1998 और 2025 तक इस फैसले में विवेचना हुई इस दौरान नौ लोगों की मृत्यु हो गई Iidp योजना के अंतर्गत शान द्वारा एक स्कीम जारी की गई थी जो भी उसका है ड्राइव होगा उसका सामूहिक बीमा किया जाएगा और उसकी मृत्यु पर उसके जो नॉमिनीस होते हैं उसे वह बीमा की राशि की क्लेम दी जाएगी यह मामला ऐसा था कि जिसमें 1485 दावों का फर्जी भुगतान किया गया था जिसमें नॉमिनीस फर्जी थे या अस्तित्व हैं थे 1998 में यह प्रकरण दर्ज हुआ था जिसमें पता चला था कि 72 लाख 9000 की राशि का गण किया गया था इस पूरे मामले पर 49 आरोपीयों के खिलाफ eow व द्वारा अभियुक्त पत्र जारी किया गया था अब 26 साल के ट्रायल के बाद यह फैसला आया है और 39 आरोपियों को आज जेल भेजा