क्षेत्रीय
महाकुंभ 2025 में VIP संस्कृति को लेकर जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। VIP मेहमानों के लिए विशेष वाहनों और सुविधाओं का इंतजाम किया गया है जबकि आम श्रद्धालु 15-20 किलोमीटर तक पैदल चलने और सिर पर सामान ढोने को मजबूर हैं। 10000 करोड़ रुपये के बजट से तैयार व्यवस्थाओं में आम जनता की जरूरतों को दरकिनार कर सिर्फ VIP सुख-सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि गरीबों से वसूले गए करों का उपयोग केवल उच्च वर्ग के लिए क्यों किया जा रहा है। इस असमानता पर सुधार की मांग तेज हो रही है।