जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल की ऐतिहासिक बैरक जहां नेताजी को अंग्रेजों ने 6 महीने से अधिक समय तक कैद रखा था 23 जनवरी को उनकी जयंती के अवसर पर जनता के लिए खोली जाएगी।अब इस बैरक को म्यूजियम में तब्दील कर दिया गया है। आम लोग यहां आकर नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। जेल अधिकारियों का कहना है कि यह जगह इतिहास के महत्व को दर्शाने और नेताजी के योगदान को सम्मान देने के लिए संरक्षित की गई है। जबलपुर: निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ पेरेंट्स एसोसिएशन का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता बुधवार को लगातार तीसरे दिन भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उनकी हालत बिगड़ने के बावजूद प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं पहुंचा है।पेरेंट्स का आरोप है कि निजी स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि का विरोध करने के बावजूद फीस वापस करने के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है।सचिन गुप्ता ने कहा है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक वे भूख हड़ताल जारी रखेंगे। पेरेंट्स एसोसिएशन का कहना है कि वे शिक्षा के व्यावसायीकरण के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।