इंदौर पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के मामले में 20 वर्षीय युवती श्रुति निषाद और 37 वर्षीय निलंबित जेल प्रहरी दीपक यादव को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 20.30 ग्राम ब्राउन शुगर 10.22 ग्राम एमडी ड्रग्स और एक होंडा अमेज कार जब्त की गई जिसकी कुल कीमत 10 लाख रुपये है।मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार शाम MR-4 रोड पर घेराबंदी कर इन्हें पकड़ा। जांच में पता चला कि यह जोड़ी राजस्थान से ड्रग्स लाकर इंदौर में सप्लाई करती थी। इंदौर में चल रहे ट्रैफिक मित्र अभियान के तहत शहर के जूनियर चार्ली चैपलिन सुरेंद्र चौहान अपने अनोखे अंदाज में ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ा रहे हैं। वे शहर के प्रमुख चौराहों पर लोगों को हेलमेट पहनने ट्रैफिक नियमों का पालन करने और उनकी जान की कीमत समझाने की अपील कर रहे हैं।सुरेंद्र चौहान जो पेशे से पेंटिंग आर्टिस्ट हैं पिछले तीन साल से चार्ली चैपलिन की कॉपी कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने ट्रैफिक जागरूकता के लिए सड़कों पर उतरकर लोगों को प्रेरित करना शुरू किया है। इंदौर में जनवरी की शुरुआत में कंपकंपाने वाली ठंड के बाद पिछले 24 घंटों में तापमान में तेजी से इजाफा हुआ है। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 3 डिग्री बढ़कर 30.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो सामान्य से 6 डिग्री अधिक है।यह जनवरी के पिछले 10 वर्षों में पांचवीं बार है जब तापमान 30 डिग्री से ऊपर गया है। शनिवार सुबह हल्की ठंड महसूस हुई और विजिबिलिटी 1500 मीटर रही। मौसम वैज्ञानिकों ने आगामी दिनों में ठंड से हल्की राहत के संकेत दिए हैं इंदौर के जेल रोड पर मोबाइल व्यापारी कमलेश रामनानी के साथ OLX के जरिए ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने मोबाइल बेचने का विज्ञापन देकर व्यापारी से 95 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए।आरोपियों ने मोबाइल शॉप पर डिलीवरी के लिए युवती को भेजा लेकिन बाद में मोबाइल वापस मांगा। जब व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ तब उन्होंने एमजी रोड पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। मध्यप्रदेश में पिछले आठ वर्षों में शिशु मृत्यु दर (IMR) में 20-25% तक कमी आई है लेकिन सुधार की गति धीमी है। नेशनल फैमिली सर्वे (2015-16 और 2020-21) की रिपोर्ट के अनुसार राज्य शिशु मृत्यु दर में देश में पहले स्थान पर बना हुआ है जो चिंता का विषय है।सबसे अधिक मौतें अंडरवेट नवजात शिशुओं (एक माह तक के) की हो रही हैं। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हाल ही में कहा कि पिछले 20 वर्षों में इस आंकड़े में कोई खास बदलाव नहीं आया है। उमा भारती के मुख्यमंत्री कार्यकाल (2003-04) के बाद से आंकड़े लगभग स्थिर रहे हैं।