नही मिला बंद समर्थको को बालाघाट बंद कराने समर्थन खुली रही दुकाने मनरेगा में फर्जीवाड़ा: सिवनघाट पंचायत के मजदूरों ने कलेक्टर से लगाई गुहार मालगाड़ी की चपेट में आकर सांभर की मौत बालाघाट जिले के मोहगांव धान खरीदी केंद्र पर प्रभारी के साथ पूर्व सांसद कंकर मूंजारे और उनके तीन साथियों द्वारा मारपीट की घटना के विरोध में केंद्र प्रभारी सहित कर्मचारियों ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया। इसी के विरोध में 31 दिसंबर को बालाघाट बंद का आह्वान किया गया। सुबह 8 बजे रानी अवंतीबाई चौक से बंद समर्थकों ने रैली निकालकर दुकानदारों और व्यापारियों से समर्थन मांगा। हालांकि व्यापारियों ने बंद को समर्थन नहीं दिया और कुछ ही समय में सभी दुकानें खुल गईं जिससे बंद केवल सांकेतिक प्रदर्शन बनकर रह गया। जनपद पंचायत खैरलांजी की ग्राम पंचायत सिवनघाट में मनरेगा योजना के तहत फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरपंच सचिव रोजगार सहायक और सबइंजीनियर की मिलीभगत से मस्टररोल में छेड़छाड़ कर मजदूरों के नाम पर फर्जी भुगतान किया गया। यह राशि उन मजदूरों के नाम पर निकाली गई जिन्होंने कार्य ही नहीं किया। इससे आक्रोशित होकर सिवनघाट के एक दर्जन से अधिक मजदूर 31 दिसंबर को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और मजदूरों के हक की राशि उन्हें दी जाए। लामता के वन विकास निगम कक्ष क्रमांक खैरा मैरा बिट में रात 11 बजे मालगाड़ी की चपेट में आने से नर सांभर का शव रेलवे ट्रैक पर मिला। सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के बाद पशु चिकित्सक नागेश्वर द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि सांभर का शव रेलगाड़ी की टक्कर से दो हिस्सों में कट गया था। पंचनामा तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में शव का अग्नि संस्कार किया गया। इस घटना से वन्य जीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ गई है। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर मृणाल मीना ने एसडीएम वारासिवनी को एक तीन वर्ष पुराने अतिक्रमण मामले की जांच कर तुरंत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डोंगरमाली गांव के निवासी ने शिकायत की कि खैरलांजी तहसील के भेंडारा गांव में उसकी और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। तहसीलदार ने जांच कर अर्थदंड लगाते हुए अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। कलेक्टर ने मामले को गंभीर मानते हुए एसडीएम को निर्देश दिया कि कोर्ट के आदेश के बाद भी अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया गया इसकी तत्काल जांच कर रिपोर्ट भेजी जाए। सांसद भारती पारधी की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में भारतमाला परियोजना के तहत बालाघाट-गोंदिया मार्ग के निर्माण की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि 547 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह हाईवे 2026 तक पूरा होगा जिसमें 2 आरओबी 2 एफओबी 8 बड़े ब्रिज और 21 अंडरपास शामिल हैं। कलेक्टर मृणाल मीना ने रजेगांव ब्रिज की ऊंचाई कम होने से पानी निकासी की समस्या पर सुधार के निर्देश दिए। अब तक 61.10% कार्य पूर्ण हो चुका है। सांसद ने विभागों को समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।