क्षेत्रीय
महाकाल मंदिर में इस वर्ष 165 करोड़ रुपए का चढ़ावा मिला है जिसमें 399 किलो चांदी और 1533 ग्राम सोना दान में शामिल है। जनवरी से 13 दिसंबर 2024 तक मंदिर को 1.65 अरब रुपए की आय हुई है जो पिछले वर्षों की तुलना में तीन गुना अधिक है। दान की मात्रा पिछले साल से कम है लेकिन मंदिर की कुल आय में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है।