वारासिवनी थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय छात्रा ने नवजात कन्या को जन्म दिया। छात्रा शासकीय स्कूल में कक्षा 11वीं की पढ़ाई कर रही है। बुधवार को परीक्षा देने के बाद रात में अचानक दर्द होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां गर्भावस्था का खुलासा हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपित युवक जो छात्रा का प्रेमी बताया जा रहा है को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ कर रही है। छात्रा और नवजात दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। संयुक्त विभाग पेंशनर संघ ने शिक्षकों की सेवानिवृत्ति के बाद अवकाश नगदीकरण राशि के भुगतान में आपत्ति जताने पर नाराजगी जाहिर की है। शुक्रवार को संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए राशि का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की। जिलाध्यक्ष बी.एल. चौधरी ने बताया कि कोषालय अधिकारी 1980 के नियमों का हवाला देकर बिलों पर आपत्ति लगा रहे हैं जबकि पूर्व में ऐसे बिलों का कई बार भुगतान हुआ है। उन्होंने इसे शिक्षकों को परेशान करने की मनमानी बताया। गर्रा-गोंगलई बायपास मार्ग पर गायखुरी शिवमंदिर के पास धान से भरा ट्रक (एमपी 48 जी 1303) शुक्रवार सुबह अनियंत्रित होकर पलट गया। चालक कूदकर सुरक्षित बच गया और मौके से भाग गया। ग्राम लिंगा से गर्रा की ओर जा रहे ट्रक के पलटने से धान की बोरियां सड़क पर बिखर गईं। ट्रक मालिक ने मौके पर पहुंचकर ट्रक उठवाया और धान को दूसरे वाहन में भेजा। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। स्वच्छता अभियान के तहत नगरपालिका द्वारा शहर के सभी वार्डों में नुक्कड़ नाटक और कठपुतली नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। भोपाल से आए पांच सदस्यीय कलाकार दल ने प्रमुख चौराहों पर यह कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों को कचरा खुले में न फेंकने गीला और सूखा कचरा अलग रखने पॉलीथीन का उपयोग न करने और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। सेवा सहकारी समिति परसवाड़ा क्षेत्र के किसानों को पिछले एक महीने से खाद और उर्वरक नहीं मिल पा रहे हैं जिससे वे रबी और अन्य नकदी फसलों की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। कई किसानों ने खाद मिलने का वादा कर गेहूं की बोनी की लेकिन बिना उर्वरक के फसल में समस्याएं आ रही हैं। कई किसान अभी भी खाद का इंतजार कर रहे हैं जबकि सेवा सहकारी समिति पर उन्हें सिर्फ कर्मचारी की फटकार ही मिल रही है। किसान गर्जना संगठन ने धान के समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल और ₹800 बोनस की मांग को लेकर कटंगी विधायक गौरव पारधी और लांजी विधायक राजकुमार कर्राहे को ज्ञापन सौंपा। 13 दिसंबर से किसानों ने अपनी उपज खरीदी केंद्रों पर बेचना शुरू किया जिससे शुक्रवार को सभी केंद्रों पर भारी भीड़ देखी गई। संगठन का आंदोलन जारी है और मांगें पूरी न होने पर इसे तेज करने की चेतावनी दी गई है।