रक्षाबंधन का पर्व सोमवार को जिले भर में धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने पूजा की थाल लेकर अपने भाइयों की कलाई में रेशम की डोर बांधी जबकि भाइयों ने बहनों को उपहार दिए। बाजारों में मिठाई किराना और कपड़ों की खरीदारी के लिए ग्राहकों की भीड़ रही। पंडितों के अनुसार इस बार दोपहर 1:30 बजे तक भद्रा होने के कारण शुभ मुहर्त पर राखी बांधने की रस्म अदा की गई। बहनों ने अपने भाइयों को तिलक कर राखियां बांधी और सुरक्षा का वचन लिया। लांजी नगर के निमटोला में एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार कृष्ण कुमार कुराहे हैदराबाद से लांजी आ रहे थे जब उनकी बाइक का एक अन्य बाइक के साथ टकराव हुआ। घायलों को स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के समय डायल 100 और एंबुलेंस की मदद समय पर नहीं पहुंची जिससे घायलों को सिविल अस्पताल लांजी लाना पड़ा जहां डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है। चांगोटोला क्षेत्र में रविवार को हुई अतिवृष्टि के कारण कई गरीबों के आशियाने ढह गए। सुबह 7 से 9 बजे के बीच हुई तेज बारिश से ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश इतनी तेज थी की जंगलों का पूरा पानी ग्रामीणों के घरों में घुस गया जिससे खाने पीने जैसे दैनिक जरूरत में आने वाली सभी वस्तुएं खराब हो चुकी है प्रशासन ने प्रभावित 5 परिवारों को टहरने की व्यवस्था की और दैनिक जरूरत की वस्तुओं की खरीदारी में मदद की. लामता में रक्षाबंधन के अवसर पर पुलिस अधीक्षक नगेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। गांव की बेटियों ने नक्सल क्षेत्रों में तैनात जवानों की कलाई में राखी बांधी और उनकी सुरक्षा की कामना की। पुलिस कप्तान ने प्रत्येक जवान से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की उन्हें परिवार का हिस्सा मानते हुए किसी भी समस्या को साझा करने के लिए प्रेरित किया। इस पहल का उद्देश्य जवानों को उनके कर्तव्यों के प्रति उत्साहित करना और उन्हें प्यार और समर्थन का अहसास कराना था। स्थानीय समुदाय ने इस कार्यक्रम को सराहा और जवानों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। सावन मास के आखिरी सोमवार को शिव भक्तों ने मां नर्मदा के पावन जल से लामता ग्राम के सभी मंदिरों में जलाभिषेक किया। भक्तों ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष सावन के पहले सोमवार से अंतिम सोमवार तक वैनगंगा के जल से अभिषेक किया गया। भक्तों ने नर्मदा का जल लाने के लिए शनिवार को यात्रा की और सोमवार सुबह खेरमाई शारदा राम शिव और हनुमान मंदिरों में जलाभिषेक किया। जलाभिषेक के बाद भक्तों ने चौक में कावड़ नृत्य किया और धर्म एवं संस्कृति को जीवित रखने की अपील की।