प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के हर घर पर तिरंगा लहराने का आयोजन किया गया है. इसी कड़ी में जबलपुर पुलिस द्वारा स्वतंत्रता के रंग खाकी के संग थीम के साथ भारत की स्वतंत्रता का उत्सव मनाने की तैयारी की जा रही है जिसमें पुलिस महकने के सभी तबके के अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने स्तर पर स्वतंत्रता दिवस को पूरे हर्ष उल्लास के साथ मनाने की तैयारी कर रहे हैं। अंधमूक बाईपास के पास स्थित शासकीय नेत्रहीन स्कूल की छत का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया. बच्चे चंद मिनट पहले ही कमरे से बाहर निकले थे। नेत्रहीन स्कूल में क्लास 1 से लेकर 8वीं तक के 45 और क्लास 9 से लेकर 12वीं तक के 55 छात्र है.तेज बारिश होती है तो पूरी बिल्डिंग से पानी गिरने लगता है। एक नेत्रहीन छात्र ने बताया कि जिला प्रशासन बीते दो सालों से जर्जर भवन को तोड़ने में जुटा हुआ है पर उन्हें नई जगह शिफ्ट करने को भी तैयार नहीं है। जुलूस महाराजपुर से करोंदा बायपास तक निकाला गया. 14 अगस्त 1926 को जन्मे शहीद गुलाब सिंह ने त्रिपुरी अधिवेशन में छात्र समिति का नेतृत्व किया था.10 अगस्त 1942 को गोल बाजार से कमानिया गेट तक भारत छोड़ो यात्रा के दौरान पुलिस को गोली लगने से शहीद हो हुए थे। शहीद गुलाब सिंह 16 वर्ष की उम्र में देश की आजादी के लिए शहीद होने वाले पहले युवा थे हर वर्ष 14 अगस्त को कुर्मी क्षत्रिय समाज शहीद गुलाब सिंह को श्रद्धांजलि देता है. जबलपुर के कृपाल चौक में रहने वाली एक महिला की लाश उसी के घर में संदिग्ध अवस्था में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई सूचना पर पहुंची महिला के भाई ने जगह का मुआयना किया और तत्काल ही इसकी सूचना पुलिस को दी इधर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की पंचनामा कार्यवाही करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. जबलपुर जिले में एक अनोखा वाकया सामने आया है जहां पर एक मां ने अपने बेटे और बहू को बुढ़ापे का सहारा मानते हुए घर में पनाह दी तो बहू ने 420 करते हुए धोखे से अपने नाम ही घर लिखवाने का काम कर लिया। लड़के और बहू लगातार अपनी मां के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार कर रहे हैं. घटना से आहत होकर मनोरमा ने आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मदद की गुहार लगाई है।