AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने विदिशा कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य के तबादले पर सवाल उठाए हैं। दरअसल 10 अगस्त की आधी रात जारी हुई ट्रांसफर सूची में वैद्य का भी नाम था। माना जा रहा है कि उनका ट्रांसफर बीजामंडल को लेकर हुए विवाद के बाद हुआ। कलेक्टर ने बीजामंडल को ASI यानि भारतीय पुरातत्व सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर मस्जिद बताया था। इस बयान से हिंदू संगठनों और BJP नेताओं में भारी नाराजगी थी। इसी बीच प्रदेश सरकार ने 47 IAS और IPS के तबादले कर दिए। लिस्ट में विदिशा कलेक्टर का नाम भी था। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए पोस्ट में लिखा मध्यप्रदेश में संघ के संगठनों ने मस्जिद में प्रार्थना करने की अनुमति मांगी। जिला कलेक्टर ने बताया कि यह स्ट्रक्चर ASI गजट में मस्जिद है और अनुमति देने से इनकार कर दिया। कानून का पालन करने पर कलेक्टर का तबादला किया गया। यह वक्फ संशोधन बिल का खतरा है। अगर कोई यह कहता है कि मस्जिद मस्जिद नहीं है तो सरकार कलेक्टर को इसका पावर देना चाहती है। कलेक्टर को भीड़ की मांग माननी पड़ेगी नहीं तो उसे ट्रांसफर कर दिया जाएगा। कोई भी सबूत पर्याप्त नहीं है।