सांची दुग्ध संघ जबलपुर ने बालाघाट सहित छिंदवाड़ा और सिवनी की विभिन्न समितियां को दूध का भुगतान नहीं किया है। दूध की राशि नहीं मिलने पर जिले भर के दुग्ध समितियों ने नाराजगी जताते हुए मंगलवार को जिले भर में किसानों से दूध का संग्रहण नहीं किया। समितियों के पदाधिकारियों ने 120 दिन का दुध का भुगतान शीघ्र किये जाने की मांग को लेकर सामूहिक रूप से अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ कर दिया है। 13 अगस्त को किसान संघ और विभिन्न सहकारी समितियों के पदाधिकारी सदस्यों ने जिला दुग्ध शीत केंद्र के मुख्य द्वार को बंद कर नारेबाजी करते हुये सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। पिछले साल की तरह इस वर्ष भी महाकाल सेवा समिति द्वारा सावन माह के चौथे सोमवार को उज्जैन में निकलने वाली महाकाल की सवारी की तरह गोंदिया रोड स्थित नये श्रीराम मंदिर से सोमवार की देर शाम सवारी निकाली गई। इस दौरान बाबा महाकाल को 56 भोग चढ़ाया गया और उज्जैन की तर्ज पर ही श्रद्धालुओं द्वारा महाआरती की गई। इस अवसर पर महाप्रसाद भंडारा का भी वितरण किया गया जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भंडारा व महाप्रसाद ग्रहण किया। श्री आदर्श लोहार विकास मंच बालाघाट द्वारा 17 सितम्बर श्री विश्वकर्मा पूजन दिवस का सार्वजनिक अवकाश घोषित किये जाने की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व में 17 सितम्बर श्री विश्वकर्मा पूजन दिवस पर संपूर्ण मध्यप्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रहता था। लेकिन इस अवकाश को खारिज कर दिया गया है। पूरा विश्वकर्मा समाज 17 सितम्बर को अपने इष्टदेव भगवान विश्वकर्मा जयंती पर आस्थापूर्वक पूजा अर्चना कर यज्ञ अनुष्ठान जुलूस और जनसभा एवं जनचेतना का आयोजन काफी सालों से करता आ रहा है। इससे शासकीय/अशासकीय संस्थान कल कारखाने संगठित-असंगठित श्रमिक कामगार लोग व आमजन भगवान विश्वकर्मा की जयंती व पूजन दिवस पर अवकाश की मांग करते है। जिससे सृष्टि के सृजनकर्ता भगवान विश्वकर्मा का धूमधाम से हर्षोल्लास के साथ पूजन दिवस मना सकें। शासकीय अनुसूचित जाति महाविद्यालयीन कन्या छात्रावास बालाघाट की छात्राओं ने छात्रावास अधीक्षक को हटाये जाने की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान छात्राओं ने बताया कि छात्रावास की अधीक्षक रामेश्वरी हरिनखेड़े द्वारा करीब एक वर्ष से छात्रावास की व्यवस्थाओं का संचालन सुचारू रूप से नहीं किया जा रहा है। जिसकी शिकायत पूर्व में भी जिला अधिकारी को की गई। लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। घरेलू कामकाज के बाद बचने वाले समय का सद् उपयोग करने जिले की महिलाएं बांस क्राफ्ट हस्त कला में निपुण हो रहीं है। इस कला में निपुण होकर महिलाएं न सिर्फ सशक्त होने की ओर कदम बढ़ा रही है बल्कि सनातन संस्कृति को भी सहेजना का काम कर रही है। 25 महिलाओं और 5 पुरुषों के समूह को बांस से डिजाइनर कलाकृतियां और फर्नीचर बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। एक माह के प्रशिक्षण में ही महिलाएं और युवतियां इतने कुशल हो गई कि उनकी बनाई कलाकृतियां और फर्नीचर को देखकर सभी तारीफ करते थक नहीं रहे हैं। शहर के नर्मदा नगर आनंद मार्ग स्थित एक भवन में यह प्रशिक्षण भारत सरकार की वृहत हस्तशिल्प कलस्टर विकास योजना (सीएचसीडीएस) के तहत दिया जा रहा है। शहर के ह्रदय स्थल हनुमान चौक पर करीब 6 दशक पूर्व से निर्मित जायसवाल भवन (कल्पना लॉज) को प्रशासन द्वारा तोड़े जाने की कार्यवाही शनिवार से शुरू कर दी थी। सोमवार को भवन को जमींदोज करने प्रशासन का भारी भरकम अमला बुलडोजर लेकर पहुंचा। देर शाम तक बुलडोजर द्वारा भवन के ऊपरी और मध्य मंजिल को गिराने का काम किया गया। जायसवाल भवन को नहीं तोड़े जाने कब्जाधारियों द्वारा न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। लेकिन याचिका खारिज होने पर मंगलवार को दोपहर 2 बजे के बाद नगर पालिका के अमले द्वारा फिर बुलडोजर से भवन तोडऩे की कार्यवाही चालू कर दी गई। एक कोने से भवन को जमींदोज कर दिया गया। बताया गया कि भवन के कब्जाधारियों द्वारा लॉज के कमरे में लगे पलंग एसी व पंखे सहित अन्य सामान नहीं निकाले गये थे। जो बुलडोजर से भवन तोड़े जाने से क्षतिग्रस्त हो गये।