चारों धामों में बिना पंजीकरण के पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों को वापस लौटाया जा रहा है। ऑफ़लाइन पंजीकरण पर भी 31 मई तक रोक लगा दी गई है। इसका परिणाम यह है कि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में तीर्थ यात्रियों की संख्या निर्धारित मानक के तहत ही है। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मीडिया को ब्रीफ करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह अपने-अपने विभागों की समीक्षा ग्राउंड पर जाकर करें साथ ही जो तीर्थ यात्री जिनको रोका जा रहा है जहां पर उनके खाने-पीने स्वास्थ्य संबंधित सुविधाओं को मुहैया कराए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों के जिलाधिकारियों से विभिन्न व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री बड़कोट जाकर ग्राउंड जीरो से यमुनोत्री धाम की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत और यात्रा को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं मोर्चा संभाले हुए हैं। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी विभागों के सचिवों को निर्देश दिये हैं कि वे लगातार चारधाम यात्रा मार्गों पर अपने विभागों से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को देंखे और विभागों के उच्चाधिकारियों को भी मौके पर भेजें। राष्टीय बाल आयोग के अध्यक्ष पर्यांक कन्नूंगो द्वारा बीते दिन उत्तराखंड के मदरसों का निरीक्षण किया जिसमे कई मदरसो में अनियमितताएं पाई गई थी जिसमे यूपी और बिहार से 196 हिन्दू बच्चों को कुरान की शिक्षा दी जा रही हैजिसके बाद पर्यांक कनूंगो द्वारा उत्तराखंड के सभी डीएम और सीएम को दिल्ली तलब किया साथ ही अल्प संख्यक आयोग को ऐसे संचालित हो रहे मदरसों के विषय में 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।जिसके बाद हमारे द्वारा मुस्लिम एस्कोलर से इस विषय पर बात की उनके द्वारा बताया कि मदरसों में ऐसी कोई भी ऐसी शिक्षा नही दी जा रही है साथ उन्होंने सवाल उठाया की देहरादून में गीता भवन और कई अन्य जगहों पर मुस्लिम समुदाय के बच्चे शिक्षा ग्रहण करने जाते है जिस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होती तो मदरसों की तामिल को लेकर सवाल क्यों खड़े किए जा रहे है। चारधाम यात्रा का आगाज होते ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार जगह-जगह जाम लग रहा है l यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम पर दर्शन के लिए भीड़ उमड़ रही है इसी बीच कल फर्जी रजिस्ट्रेशन का मामला भी सामने आया है गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रजिस्ट्रेशन सेन्टर हीना में चैकिंग के दौरान रजिस्ट्रेशन बार कोड चैक करने पर दो यात्री बसों की रजिस्ट्रेशन की तिथि फर्जी पायी गयी दोनों बसों में 88 तीर्थयात्री सवार थे श्रद्धालुओं द्वारा बताया गया कि हरिद्वार से टिंकू व माटू नामक 02 टूर ऑपरेटर द्वारा उनके रजिस्ट्रेशन में फर्जीवाडा कर उनके साथ छलावा किया गया है। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम के मंदिर परिसरों के 50 मीटर के दायरे में मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। धामों में रील बना कर भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ऐसे में धामों में अब श्रद्धालु न मोबाइल का इस्तेमाल कर पाएंगे और न ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म के लिए रील बना पाएंगे। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सचिव पर्यटन को निर्देश जारी करते हुए आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने को कहा है चारधाम यात्रा के शुरुआती चरण में उमड़ रही अप्रत्याशित भीड़ के बावजूद राज्य की धामी सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ हर चुनौती से पार पाने के लिए अग्रिम मोर्चे पर डटी है।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस बार अप्रत्याशित भीड़ जरूर धामों में उमड़ रही है लेकिन टीम एफर्ट के जरिये यात्रा को व्यवस्थित कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें स्थानीय निवासियों प्रशासन के सहयोग से व्यवस्थाओं को सुचारू किया जा रहा है।