केंद्र की मोदी सरकार ने सीएए लागू कर दिया है । इस कानून के तहत पाकिस्तान अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए हुए हिंदू सिख बौद्ध जैन पारसी और ईसाई समाज के लोगों को नागरिकता प्रदान की जाएगी । इस बिल में मुस्लिम समाज के लोगों को नागरिकता देने की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है । मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शमशुल हसन ने बयान देते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास की बात करती है उन्हें इसी तर्ज पर इस बिल को भी लाना चाहिए था जिससे कि देश की मुस्लिम समाज का भी विश्वास उनके ऊपर बना रहता । ऐसे कई मुस्लिम समाज के लोग हैं जो इन तीन मुल्कों के अलावा अन्य मुल्कों से भी भारत में आए हैं और लंबे समय से यहां के निवासी हैं वर्तमान समय में लाया गया यह बिल भेदभाव उत्पन्न करने वाला है ।