हरदा में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट को लेकर मध्यप्रदेश विधानसभा में चर्चा हुई । कांग्रेस ने हरदा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में स्थगन प्रस्ताव पढ़ा जिसे स्वीकार कर स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने चर्चा के लिए डेढ़ घंटे का समय दिया है। सीएम के जवाब देने के दौरान बहस की स्थिति बनी। हंगामा देखते हुए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है। न्यायिक जांच की मांग न मानने पर कांग्रेस ने वाकआउट किया। विपक्ष का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हरदा का वीडियो देखकर लगा था कि पोखरण जैसा विस्फोट होगा। कैबिनेट बैठक रोक कर सबसे पहले टीम बनाई और मंत्री उदय प्रताप सिंह को अधिकारियों के साथ मौके पर भेजा। विस्फोट के कारण एक महिला का हाथ उड़ गया था। वह हमीदिया में एडमिट है। मैंने उससे बात की। जहां हादसा हुआ है वहां पीएम आवास नहीं देना चाहिए था बस्ती बसाने के लिए कौन दोषी है इसकी जांच करेंगे और कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि हरदा में विस्फोट देखकर ऐसा भी लगा कि आतंकी घटना तो नहीं हो गई। हमने भारत सरकार को भी तुरंत सूचना दी। वही हरदा से कांग्रेस विधायक रामचंद्र दोगने ने हरदा ब्लास्ट पर चर्चा के दौरान कहा- फैक्ट्री मालिक को जिनका संरक्षण था उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। अगर मैं दोषी हूं तो मुझे फांसी की सजा देनी चाहिए और जो वहां मंत्री था अगर उसका संरक्षण था तो उसे भी फांसी की सजा होनी चाहिए।