कलेक्टर दीपक सक्सेना की अनोखी पहल : केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गड़करी एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में कल मंगलवार 30 जनवरी को वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के कार्यक्रम में आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने घर-घर और दुकानों पर जाकर आमंत्रण पत्र दिये जा रहे हैं । जबलपुर में बन रहे फ्लाई ओवर ब्रिज अब लोगों की जान के लिए खतरा बन रहे हैं. फ्लाई ओवर ब्रिज के निर्माण के दौरान बनाई जा रही सड़क गुणवत्ता हीन बनने से लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं. जबलपुर के दमोह नाका क्षेत्र में बन रहे फ्लाई ओवर ब्रिज की सड़क पर गड्डे होने से अब लोगों इन गड्ढों में वाहन घुस रहे हैं. शनिवार को एक चार पहियाँ वाहन फ्लाई ओवर ब्रिज के पास बने गड्ढे में जा घुसा. चार पहिया वहां में एक महिला उसका परिवार के अन्य लोग सवार थे. वहां जैसे ही गड्ढे में घुसा आसपास के क्षेत्र में चीख पुकार मच गई. आसपास के लोगो ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार के गड्ढे से बाहर किया. लोगों की मदद के बाद वाहन सवार लोगों को और कार को निकला गया. स्थानीय लोगो का कहना हैं की कई बार PWD विभाग के अधिकारियो लो इस बारे में बताया गया लेकिन उन्होंने आज तक फ्लाई ओवर ब्रिज के गड्ढे को बंद नहीं किया इस वज़ह से आये दिन कोई न कोई घटना होती रहती हैं. जबलपुर के हनुमानताल इलाके में मकान मालिक और किराएदार में जोरदार वाद विवाद हुआ जिसमे किराएदार ने मकान मालिक के घर पर तोड़ फोड़ कर दी. मकान मालिक ने इस घटना की सूचना हनुमान ताल थाने में दी इसके बाद पुलिस ने किराएदार पर मामला पंजीबद्ध किया हैं. मकान मालिक विनोद मिश्रा का कहना हैं की किराएदार विवेक ठाकुर हमारे मकान में किराए से रहता था और आये दिन वाद विवाद करता रहता था और मकान पर कब्ज़ा करना चाहता था हमने कोर्ट की शरण ली कोर्ट ने 2019 को उसे मकान खाली करने को कहा लेकिन वो मकान खाली नहीं कर रहा हैं. बीते दिन विवेक ठाकुर चुपचाप मकान में दाखिल हुआ और मकान में तोड़ फोड़ शुरुकार दी इसमें उसकी पत्नी को भी चोट आई हैं जिसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया हैं. कहते है की मनुष्य की आयु पूर्ण होने के बाद जब वो इस दुनिया से जाता है तो उसे दो गज जमीन की आवश्यकता होती है। ये दो गज जमीन उसे मुक्तिधाम में मिलती है इसी शासन-प्रशासन मुक्तिधाम के लिए जमीन उपलब्ध कराता है और वंहा पर व्यवस्थाएं भी जुटाता है। लेकिन अब इन मुक्तिधामों में व्यवस्थाएं न होने से अब इनके अस्तितः पर खतरा मंडरा रहा है। एक ऐसा ही चौहानी मुक्तिधाम है जंहा पर शासन प्रशासन द्वारा ध्यान न देने से यंहा की व्यवस्थाएं जर्जर हो रही है। आपको बता दे की चौहानी मुक्तिधाम 60 से अधिक वर्ष पुराना है और मदन महल की पहाड़ियों के बीच में स्तिथ है। देश में जब भीषण महामारी कोरोना काल आया तब नगर में एकमात्र श्मशान घाट था