छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा थाना अंतर्गत सिंगोड़ी चौकी क्षेत्र में जिंदा युवती का मर्डर के आरोप में उसके ही पिता और भाई को पुलिस ने हत्या के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।दरअसल अमरवाडा थाना के सिंगोडी चौकी के जोपनाला गांव निवासी कंचन उईके पिता बन्नू उईके 10 साल पूर्व ग्राम के रामस्वरूप डेहरिया के झांसे में आकर बिना बताएं भोपाल चल गई थी और वापस लौट कर नहीं आई युवती उस समय नाबालिग 14 साल की थी।लड़की के परिजनों ने सिंगोड़ी चौकी में गुमशुदा की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और 10 साल तक युवती वापस आपने गांव नहीं पहुंची थी लेकिन युवती को किसी परिचित लोगों ने बताया कि तेरी हत्या के मामले में पुलिस ने पिता और भाई को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया हैं पिता और पुत्र को वापस लाने के लिए युवती जेल से बाहर रिहा करने को लेकर न्याय की शरण में पहुंची थी लेकिन पिता पुत्र को जमानत पर रिहा कर दिया गया था।और परिजनों ने न्यायालय में गुहार लगाई थी कि झूठे मामले में जेल भेज दिया है और जबकि हमारी बेटी जीवित है उन्होंने न्यायालय से मांग की थी कि तत्कालिक अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए तब न्यायालय ने मामला चल रहा था अपार सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार के द्वारा एसडीओपी संतोश डेहरिया के द्वारा मामले की विवेचना की गई थी जिसकी वजह से पिता पुत्र को जेल जाना पड़ा था न्यायालय ने आदेश दिया है कि पुलिस महानिदेशक दोषी एसडीओपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करें और पिता पुत्र को न्यायालय ने दोष मुक्त कर दिया है मामले की पर भी एडवोकेट सुबोध श्रीवास्तव राजू उईके द्वारा की गई थी।