स्थानीय सेकड़ाखेड़ी जोड़ समाधी स्थल पर राष्ट्रीय कवि संगम जिला इकाई सीहोर एवं जन सहयोग सेवा समिति सीहोर के संयुक्त तत्वावधान में मकर सक्रांति रविवार 14 जनवरी के दिन शहीद हुए 356 सैनिकों की पुण्यतिथि पर काव्य एवं विचार गोष्ठी का आयोजन रखा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरूषेन्द्र शर्मा ने की। विशेष अतिथि के रूप में हिन्दु उत्सव समिति के अध्यक्ष आशीष गुप्ता उपस्थित रहे। सर्वप्रथम वीर शहिदों के चित्र के सम्मुख पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया। सरस्वती वन्दना युवा कवि लक्ष्मण चौकसे ने की एवं काव्यगोष्ठी का संचालन डॉ. विजेन्द्र जायसवाल ने किया। तत्पश्चात उपस्थितजनों द्वारा अपने विचार व्यक्त करते हुए अरूषेन्द्र शर्मा ने कहा कि सिद्धपुर की वीर धरा पर भारत का पहला स्वतंत्रता का आंदोलन सबसे दमदारी के साथ लड़ा गया था। आशीष गुप्ता ने कहा कि दिनांक 6 अगस्त 1857 से लेकर 14 जनवरी 1858 तक पूरे 06 माह हम पूरे सिद्धपुरवासी देश में एकमात्र स्वतंत्र सरकार सिपाही बहादुर की इस गौरव गाथा को सीहोर कैसे भूल सकता है। यहाँ अंग्रेजों की छावनी में ही भारतीयों ने सारे अंग्रेजों को खदेडक़र भगा दिया था और सिद्धपुर को आजाद करा लिया था। उपस्थित कवियों ने कविता के माध्यम से वीर सपूतों को शब्द रूपी श्रद्धासुमन अर्पित किये।