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राज्य
03-Feb-2021

पश्चिमी विक्षोभ ने उत्तर से आने वाली ठंडी हवाओं का प्रभाव कमजोर कर दिया नतीजा यह है कि जनवरी के आखिर में पड़ रही कड़ाके की ठंड से अब राहत मिली है। बीते दो दिन में कई राज्यों में दिन-रात का तापमान 5 से 7 डिग्री बढ़कर सामान्य से ऊपर चला गया। मौसम विभाग ने एक बार फिर मौसम बिगडने की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते अगले तीन दिन एक साइक्लोनिक सिस्टम सक्रिय होगा। इसके चलते प्रदेश के उत्तरी पूर्वी इलाकों में ओले-बारिश का अनुमान है। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण फिलहाल मौसम में बदलाव नजर आ रहा है। कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग ने जयपुर सहित 5 जिलों में 3 दिन ओले-बारिश की संभावना जताई है। प्राइवेट स्कूलों की तरह मप्र सरकार भी अब क्वालिटी एजुकेशन की दिशा में काम करने जा रही है। हर जिले या ब्लॉक में एक स्कूल होगा, जिसमें नर्सरी से लेकर 12वीं तक की न केवल शिक्षा मिलेगी, बल्कि बच्चों को उनके घरों से स्कूल लाने-छोडने की बस सुविधा भी दी जाएगी। इन स्कूलों के आसपास 15 किमी तक फिर कोई दूसरा स्कूल नहीं होगा। कैबिनेट बैठक में इस नए प्रस्ताव के साथ शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव रश्मि अरुण शमी ने अपना प्रेजेंटेशन दिया। इन स्कूलों को सीएम राइजिंग स्कूल कहा जाएगा। इस दौरान विभागीय मंत्री इंदर सिंह परमार भी मौजूद रहे। राजधानी में 98 दिन बाद सुकूनभरी खबर आई है। मंगलवार को कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई, वहीं रिकवरी रेट भी 93 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है। प्रदेश में यह आंकड़ा 97.50 प्रतिशत है। खास बात यह है कि प्रदेश के बढ़े शहरों में जहां सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं, वहां भी एक भी मौत नहीं हुई। केवल दमोह, रतलाम और खरगोन में एक-एक मौत हुई। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी कोई मौत नहीं हुई। भोपाल में अब तक कोरोना से 658 मौतें हुई हैं। पिछले साल 26 अक्टूबर को भोपाल में मौत का आंकड़ा शून्य था। प्रदेश में स्कूल नहीं जाने वाली किशोरवय बच्चियों को दिए जाने वाले टेकहोम राशन में बड़ा घोटाला सामने आया है। जिन 2 लाख 8 हजार 531 बच्चियों का कोई अस्तित्व ही नहीं हैं, उनमें से करीब 1.71 लाख से अधिक को कागजों में ही हर साल करीब 60 करोड़ रुपए का टेकहोम राशन बांटे जाने का खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (एनसीपीसी) ने कैग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मप्र आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) को इस मामले में केस दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। भोपाल सहित प्रदेश में 40 फीसदी गौरैया की संख्या में कमी आई है। इसे देखते हुए अब वन विभाग ने इन्हें बचाने का बीड़ा उठाया है। सामाजिक वानिकी वन वृत गौरैया को वापस लाने के लिए एक अभियान शुरू कर रहा है, जिसका नाम है- ओ री चिरैया अंगना में फिर आजा रे...। इसके तहत वन विभाग सरकारी दफ्तरों, स्कूल, कॉलेज आदि स्थानों पर 15 हजार से ज्यादा गौरैया पक्षी कुटीर लगाएगा। इसके अलावा कॉलोनियों में लोगों को जागरूक करेगा कि वे भी पक्षी कुटीर लगाएं, जिससे गौरैया की संख्या में बढ़ सके। भाजपा विधायकों को नैतिक शिक्षा और व्यक्तिगत प्रबंधन की शिक्षा देने के लिए पचमढ़ी में 13-14 फरवरी को 2 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर होने जा रहा है। इसमें मिशन 2023 (अगला विधानसभा चुनाव) की रणनीति और 22 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में विधायकों की भूमिका तय करने पर फोकस रहेगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की पहल पर बनाया गया है। खास बात यह है कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ उनकी पूरी कार्यकारिणी भी इसमें मौजूद रहेगी। सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय भी इस आयोजन की एक वजह है। प्रॉपर्टी टैक्स वसूली को बेहतर बनाने के लिए भोपाल में पांच साल पहले शुरू हुआ जीआईएस सर्वे आज तक पूरा नहीं हो पाया है। शहर के 85 वार्डों में से 10 वार्डों में तो सर्वे का काम हो ही नहीं पाया। शेष 75 वार्डों में सर्वे का फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू होकर बीच में ही बंद हो गया। सवाल यह है कि यदि प्रॉपर्टी के फिजिकल वेरिफिकेशन को ही मान्यता दी जाना थी तो जीआईएस सर्वे क्यों कराया गया? क्योंकि मैदानी अमले द्वारा टैक्स वसूली में गड़बड़ी की शिकायतों पर ही जीआईएस सर्वे कराने का निर्णय लिया गया था। नगर निगम ने 2016 में नागपुर की एडीसीसी कंपनी को 4 करोड़ 73 लाख रुपए में पूरे शहर के सभी भवनों का जीआईएस सर्वे करने का काम सौंपा गया था।