दस लाख से ज्यादा की आबादी वाले प्रदेश के चार शहर ग्वालियर, भोपाल, इंदौर और जबलपुर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए वित्त वर्ष 2021-22 में 150 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह राशि उस 2217 करोड़ रुपए का ही हिस्सा है, जिसे आम बजट में 42 शहरों के लिए रखा गया है। इससे शहरों में धूल और धुएं को नियंत्रित किया जाएगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक पी. जगन ने बताया कि मप्र में छह शहर नॉन अटेनमेंट सिटी घोषित किए गए थे। यहां वायु प्रदूषण रोकने के लिए एक्शन प्लान तैयार कर केंद्र सरकार को भेजे थे। कोरोना काल में लगातार डयूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को कोविड-19 मेडल से सम्मानित किया जाएगा। इसे कर्मवारी सम्मान नाम दिया गया है। संभावना है, कोरोना काल में 90 हजार से ज्यादा पुलिस अफसरों व कर्मचारियों ने परिवार से दूर रहकर डयूटी की थी। राज्य सरकार ने मेडल और कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 7 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इस संबंध में गृह विभाग ने सोमवार देर शाम आदेश जारी कर दिया है। सम्मान की घोषणा गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने जून 2020 में यह घोषणा की थी। दरअसल, गृह मंत्री बनने के बाद नरोत्तम मिश्रा पहली बार पुलिस मुख्यालय पहुंचे थे। जहां उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अफसरों की बैठक में यह निर्णय लिया था। कोरोना की नई गाइडलाइन 1 फरवरी से लागू हो गई है। प्रदेश में मेलों के आयोजन की अनुमति दे दी गई है। यानी ग्वालियर मेला आयोजित होने का रास्ता साफ हो गया है। अब प्रशासन स्तर पर मेले के आयोजन की तारीख जल्दी तय हो जाएगी। हालांकि राज्य सरकार इसकी सैद्धांतिक सहमति पहले ही दे चुकी है। नई गाइडलाइन में यह अनुमति सशर्त दी गई है। प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग की अनुमति भी अब लोक सेवा गारंटी शामिल कर लिया गया है। सरकार ने इसे पयर्टन विभाग की सेवा मानते हुए कलेक्टरों को अधिकृत किया है कि वे 45 दिन में शूटिंग से संबंधित आवेदनों को अनुमति दें। यदि कलेक्टर ने समय सीमा में परमिशन नहीं दी, तो उसकी अपील संभागायुक्त को की जा सकेगी। उन्हें 15 दिन में आवेदन का निराकरण करना होगा। वहां से मंजूरी नहीं मिलने पर पर्यटन के प्रमुख सचिव के पास मामला जाएगा। लोकसेवा आयोग की पहली बार तीन साल की परीक्षाएं एक साथ आयोजित होंगी। इसका प्लान तैयार कर लिया गया है। जल्द सारी परीक्षाओं की तारीखें भी घोषित हो जाएंगी। प्रयास यह है कि इसी साल अंत तक 2019 और 2020 की सभी लंबित परीक्षाएं 2021 अंत तक हो जाएं। जिस परीक्षा के लिए जो माह तय किया गया है, उसी माह में परीक्षा हो इसके लिए हर परीक्षा का अलग से प्लान तैयार हो रहा है। दरअसल, एमपी पीएससी की 2019, 2020 की सभी लंबित परीक्षाएं इस साल मार्च से शुरू होना हैं, जबकि 2021 की सारी परीक्षा भी इसी साल होना हैं। ऐसे में घोषित कैलेंडर के मुताबिक परीक्षा करवाने की राह आसान नहीं है। शिक्षा विभाग ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर एक फैसला किया है। विभाग ने अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को शिथिल करते हुए पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होने की वैधता अवधि के बिना ही प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति दी जाएगी। शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि शिक्षा विभाग के दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के आश्रितों ने यदि केंद्र सरकार की सीटीईटी परीक्षा या मध्य प्रदेश सरकार की शिक्षक पात्रता परीक्षा (2011-12) या अन्य राज्य सरकार द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की हो। उस पात्रता परीक्षा की वैधता अवधि को संज्ञान में लिए बगैर, प्राथमिक शिक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी।