करीब 10 महीने बाद मध्यप्रदेश में कोरोना के नए केस और मौतों की रफ्तार थमती नजर आ रही है। जनवरी के महीने में कोरोना के यह आंकड़े उम्मीद बांधने वाले हैं। बीते सात दिन से प्रदेश के 40 जिलों में कोरोना के कारण एक भी मौत नहीं हुई है। जनवरी में 28 दिनों के दौरान 184 लोगों की कोरोना के कारण मौत हुई, जबकि करीब 11 हजार ही नए मामले सामने आए। हालांकि दिसंबर में मौतों की संख्या 366 और नए केस 39 हजार से ज्यादा रहे थे। ऐसे में नए केस की संख्या और मौत का ग्राफ काफी नीचे आ गया है। इसका मुख्य कारण लोगों में जागरूकता और वैक्सीन का आना रहा। हालांकि अभी भी हर दिन 16 हजार से कोरोना सैंपल लिए जा रहे हैं। नगरीय निकाय चुनावों में बीजेपी युवा चेहरों पर दांव खेलने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने तय कर लिया है कि 16 बड़े शहरों की नगर सरकार में ज्यादा से ज्यादा युवाओं की भागीदारी होना चाहिए। इसको ध्यान में रखते हुए मंडल अध्यक्ष के चयन का फार्मूला पार्षदों के उम्मीदवारों के लिए लागू करने का निर्णय लिया गया है। बीजेपी के मंडल अध्यक्षों की आयु 35 से 40 साल के बीच है। ऐसे जिताऊ उम्मीदवारों का चयन करने की जिम्मेदारी प्रदेश महामंत्रियों को सौंपी गई है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बीजेपी ने पीढ़ी परिवर्तन को फोकस करते हुए युवाओं को अधिक टिकट देने का मन बना लिया है। दरअसल, बीजेपी 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले प्रदेश में युवाओं को जाडऩे के लिए बड़ी तैयारी कर रही है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अब लोग अमेरिकन कल्चर पर आधारित ड्राइव इन सिनेमा का मजा ले सकेंगे। यानी कार में बैठकर ही मूवी देखी जा सकेगी। कोरोनाकाल में सिनेमा और थियेटर बंद होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसे देखते हुए ही पर्यटन विभाग ने ड्राइव इन सिनेमा का इनिशिएटिव लिया है। अशोका लेक व्यू होटल परिसर में इसकी शुरुआत हुई है। इसमें रोजना दो शो का आयोजन किया जाएगा। पहला शो शाम 6.30 बजे शुरू होगा। वहीं दूसरे शो की शुरुआत 9.30 बजे से होगी। उरी फिल्म दिखाकर ड्राइव सिनेमा का उद्घाटन किया गया। ड्राइव इन सिनेमा में एक साथ 100 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इसे 93 हजार स्क्वायर फीट में तैयार किया गया है। पहले शो में करीब 80 से अधिक मूवी लवर्स ने गाडिय़ों में बैठकर फिल्म का आनंद लिया। लोगों को ओपन एरिया में थिएटर जैसा माहौल देने के लिए 4के स्क्रीन, हाइटेक साउंड इंस्टॉल किया गया। बीते महीनों में उज्जैन-मुरैना में जहरीली शराब से 40 लोगों की मौत होने से उपजे सियासी बवाल के बीच राज्य सरकार वर्ष 2021-22 के लिए नई आबकारी नीति लाने जा रही है। इसका ड्राफ्ट लगभग तैयार हो चुका है। इसमें शराब की ऑनलाइन बिक्री का प्रस्ताव किया गया है यानी ऑनलाइन ऑर्डर करने पर शराब सीधे घर पहुंच जाएगी। इसके साथ ही दुकानों से खरीदी पर भुगतान का बिल भी अनिवार्य किया जा सकता है। फिलहाल यह ड्राफ्ट वाणिज्यिक कर व आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा के पास पहुंच चुका है। यहां से मंजूरी के बाद इसे मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा। दर्शनार्थियों को जल्द ही मंदिर के सामने शिखर दर्शन की सुविधा मिलेगी। इसके लिए प्रशासन ने मंदिर के सामने के सभी निर्माण हटा दिए हैं। यहां ऊपर के हिस्से में शिखर दर्शन लॉन और उसके नीचे नया वेटिंग एरिया बनाया जारहा है। महाकालेश्वर मंदिर में दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए किए जा रहे उपायों में क्राउड मैनेजमेंट भी शामिल है। पर्व-त्योहारों पर यहां दर्शनार्थियों की संख्या एक लाख के पार होती है। ऐसे में दर्शनार्थियों को कतारबद्ध कर सुगम दर्शन व्यवस्था चुनौती होती है। इसके लिए स्मार्ट सिटी कंपनी गुजरात के सोमनाथ और अन्य प्रमुख मंदिरों की तर्ज पर अस्थायी बेरिकेडिंग करने जा रही है। इस पर 6 करोड़ रुपए खर्च होंगे। निर्माण के लिए ठेकेदार तय हो गया है। देवास जिले की ग्राम पंचायतों पर बिजली कंपनी का दो साल तक बिजली बिल बकाया होने पर अब कंपनी ने सख्त रवैया अपनाते हुए कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर दी है। देवास तहसील में आने वाली 328 ग्राम पंचायतों पर 4 करोड़ 74 लाख से अधिक का बिजली बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले तीन दिनों में 205 कनेक्शन काट दिए हैं। इसी तरह जिले में भी बिजली कंपनी की टीम पंचायतों के कनेक्शन काटने में जुट गई है। बड़े स्तर पर कनेक्शन काटने से ग्रामों में जल संकट गहरा जाएगा, स्ट्रीट लाइन बंद होने से सड़कों पर अंधेरा और भवन के कनेक्शन बंद होने से केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का आमजन को लाभ मिलना भी बंद हो जाएगा। मंत्रिमंडल विस्तार और बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी का गठन होने के बाद भी पार्टी में असंतोष बढऩे का अंदेशा है। ऐसे में असंतुष्ट सांसद और विधायकों को जिला को-ऑपरेटिव बैंकों में अध्यक्ष बनाने के लिए सरकार ने प्रदेश सहकारी सोसायटी (संशोधन) अध्यादेश 2020 लागू कर दिया है। इसके साथ ही इन बैंकों के अध्यक्षों को कैबिनेट या राज्य मंत्री का दर्जा देने की तैयारी भी है। प्रदेश में 38 जिला सहकारी बैंक हैं। इनमें से छतरपुर, सतना, सीहोर में अध्यक्ष पदस्थ हैं, जिनका कार्यकाल छह माह से डेढ़ साल तक है। जबकि पन्ना जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद को लेकर हाईकोर्ट का स्टे चल रहा है। ऐसी स्थिति में अब सरकार ने सहकारी एक्ट में संशोधन कर प्रदेश के सांसद और विधायकों को 34 जिला सहकारी बैंकों, अपैक्स बैंक सहित अन्य सहकारी संस्थाओं में अध्यक्ष बनाने का रास्ता निकाला है। मध्य प्रदेश में सरकार पहली बार गेहूं के साथ चना, सरसों व मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीदी करेगी। इसके लिए 1 फरवरी से पंजीयन शुरू हो जाएगा। जबकि खरीदी 15 मार्च से शुरू हो जाएगी। पिछले साल तक सरकार पहले गेहूं की खरीदी करती थी। इसके बाद अन्य फसलों की खरीदी होती थी। जबकि चने की फसल गेहूं के पहले आ जाती है लेकिन समर्थन मूल्य पर खरीद की प्रक्रिया गेहूं के बाद मई- जून में शुरू होती है। हर साल गेहूं की खरीदी मार्च में शुरू हो जाती थी, लेकिन अभी तक खरीदी की तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि गेहूं के लिए पंजीयन चालू है।