नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के सामने आदिवासी वोट बैंक को साधे रखने की चुनौती है। यही वजह है कि आदिवासी बाहुल्य जिलों की इसकी कमान प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक ने अपने हाथों ले ली है। पिछले दशक तक आदिवासी बीजेपी का वोट बैंक था, लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में बड़ा फेरबदल हुआ और कांग्रेस ने प्रदेश की आदिवासी 47 में से 31 सीटें जीत कर चैका दिया था। इससे पहले लगभग इतनी ही सीटें बीजेपी को मिलती आ रही थी। मध्यप्रदेश सरकार ने पिछले चार महीने में रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के चेयरमैन एंटोनी डिसा, दो तकनीकी सलाहकार और एक आईटी सलाहकार को हटा दिया है। इससे पूरे प्रदेश में हाउसिंग सेक्टर ठप पड़ गया है। न तो किसी नए प्रोजेक्ट का पंजीयन हो पा रहा है और न ही ग्राहकों की उन 2000 शिकायतों पर सुनवाई हो रही है, जो बिल्डरों के खिलाफ रेरा में दी गई हैं। रेरा चेयरमैन इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी शिकायत में सुनवाई के लिए जाते थे, लेकिन चार महीने से एक भी सुनवाई नहीं हो सकी। तीन दिन पहले तक पूरे प्रदेश में ठंड लगभग गायब हो चुकी थी। दिन में सूरज की किरणें गर्मी का एहसास करा रही थीं, लेकिन मंगलवार को मौसम अचानक बदल गया। भोपाल में गणतंत्र दिवस की रात पारा 5.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ, जो कि 26 जनवरी की रात में बीते 10 साल का सबसे कम तापमान है। यहां सीजन में पहली बार शीतलहर चली और तापमान भी सबसे कम रहा। जबकि प्रदेश के 8 जिलों में भी शीतलहर चली और 14 जिलों में दिन ठंडा रहा। नरसिंहपुर और सिवनी को छोड़कर सभी जगह रात का तापमान 10 डिग्री से कम रहा। प्रदेश में मिड-डे मिल में स्कूली बच्चों को बांटे गए 285 करोड़ रुपए के सूखा राशन में काफी अनियमितता सामने आई है। प्रदेश के ज्यादातर जिलों से शिकायतें मिली हैं कि बच्चों को घटिया क्वॉलिटी का राशन दिया गया। आधी-अधूरी सामग्री बांटी गई। इसके चलते मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस की नोटशीट के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों से राशन बंटने और बच्चों तक पैकेट पहुंचने की सत्यापन रिपोर्ट तलब की है। कलेक्टरों से रिपोर्ट मिलने के बाद शासन इस मामले की जांच ईओडब्ल्यू को सौंप सकता हैं। सूखा राशन के लिए प्रदेश को 285 करोड़ रुपए का बजट मिला था। राज्य शासन के पास शिकायतें मिली हैं कि सामग्री वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। ये राशन बच्चों तक बराबर नहीं पहुंचा है। इस साल रामनवमी यानि 22 अप्रैल से पहले प्रदेश में श्रीराम की सबसे ऊंची प्रतिमा शहर से करीब 5 किमी दूर रामटेकरी पर स्थापित हो जाएगी। बुधवार को प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया ने अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट का पूरा विवरण जनता के सामने रखा। उन्होंने बताया कि कुल 50 करोड़ से ज्यादा के इस प्रोजेक्ट में 3 करोड़ रुपए जनता से जुटाए जाएंगे, जिससे प्रतिमा और मंदिर का निर्माण होगा। उनके आह्वान पर कार्यक्रम के दौरान ही 51 लाख रुपए चंदे के रूप में जुटा लिए गए। मध्य प्रदेश में मल्टीप्लेक्स व सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉल 1 फरवरी से ज्यादा कैपेसिटी के साथ खुल जाएंगे। साथ ही स्विमिंग पूल में भी सभी को अनुमति रहेगी। केंद्र सरकार ने बुधवार को कोरोना की नई गाइड लाइन जारी कर दी है। जिसके मुताबिक गृह मंत्रालय ने बुधवार को नए दिशानिर्देश दिए हैं। सरकार ने कहा कि अब सिनेमा हॉल और थिएटर ज्यादा सिटिंग कैपेसिटी के साथ खोले जा सकेंगे। इससे पहले इन्हें 50 फीसदी कैपेसिटी के साथ ही खोला जा सकता था। इसके अलावा स्विमिंग पूल में अब सभी को जाने की इजाजत होगी। इससे पहले केवल खिलाडियों को ही इसके इस्तेमाल की इजाजत दी गई थी। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि केंद्र की गाइड लाइन के आधार पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय एसओपी जारी करेगा। इसके बाद एक-दो दिन में गृह मंत्रालय इस संबंध में आदेश जारी कर देगा। हरदा जिले के किसानों को गणतंत्र दिवस पर कृषि ओपीडी की नई सुविधा शुरू हुई। मप्र में सबसे पहली कृषि ओपीडी का बुधवार को कृषि मंत्री कमल पटेल ने फीता काटकर शुभारंभ किया। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र के नए प्रशासनिक भवन का भी लोकार्पण किया। दोनों सौगात के लोकार्पण मौके पर अनेक लोग साक्षी बने। फसल ओपीडी के शुभारंभ मौके पर कृषि मंत्री कमल पटेल ने इसके फायदे बताते हुए कहा कि जिले के किसान अब खेतों में मौसम के मिजाज में बदलाव आने से फसलों पर होने वाले असर, कीट, व्याधि की जानकारी कृषि वैज्ञानिकों को सोशल मीडिया के जरिए ही ले सकेंगे। वहीं कृषि वैज्ञानिक फोटो देखकर तुरंत ही किसानों को उपचार बता देंगे।