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गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में बेकाबू हुए किसान आंदोलन को लेकर अब सियासत शुरू हो गई है । पूर्व मंत्री एवं मध्य प्रदेश मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बयान देते हुए कहा कि संवैधानिक देश में हिंसात्मक आंदोलन किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। लेकिन इसके बाद ही उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के लिए केंद्र की मोदी सरकार को ही जिम्मेदार ठहरा दिया । उन्होंने कहा कि यह कृषि बिल कोरोना काल के अंधेरे में लाया गया कानून है जो पूर्णता गलत है। और केंद्र की मोदी सरकार की हठधर्मिता के चलते यह स्थितियां बन रही हैं। पिछले 7 सालों में मोदी सरकार किसी भी चीज को टैकल करने में पूर्णता फेल रही है ।