भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा बनाई गई स्वदेशी कोरोना वैक्सीन (कोवैक्सीन) का 7 जनवरी को फाइनल ट्रायल पूरा हुआ है। देशभर में 26 हजार से ज्यादा लोगों को वैक्सीन का ट्रायल टीका लगाया गया। लेकिन, इसके अगले ही दिन शुक्रवार को बड़ी खबर आई। भोपाल के पीपुल्स मेडिकल कॉलेज में 12 दिसंबर को कोवैक्सीन का ट्रायल टीका लगवाने वाले 47 वर्षीय वाॅलंटियर दीपक मरावी की 21 दिसंबर को मौत हो चुकी है। इंदौर के डेली कॉलेज के पास मूसाखेड़ी और नीमच के मुर्गी बाजार में जिस स्थान पर पोल्ट्री (मुर्गा-मुर्गी) में बर्ड फ्लू मिला था, उसके आसपास के एक किमी क्षेत्र से 650 चिकन के साथ 700 अंडों को शुक्रवार को नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही मांसाहार की दुकानों में भी सावधानी बरतने के निर्देश हैं। बिना ग्लव्ज के मांस की बिक्री नहीं होगी। चिकन के अलावा भी सभी मांस दुकानों की रेंडम जांच की जा रही है। बर्ड फ्लू की दहशत ने पोल्ट्री फॉर्म से जुड़े कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि अंडे की खपत में मामूली गिरावट आई है। भोपाल में पहले प्रतिदिन 100 टन तक चिकन की खपत होती थी, जो कोरोना के चलते घटकर 40 से 50 टन रोजाना पर आ गई थी। लेकिन बर्ड फ्लू की दहशत के चलते तीन दिन में ये घटकर 10 से 12 टन रोजाना पर पहुंच गई है। पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन ने 100 रुपए किलो पर बिक रहे चिकन बॉयलर के दाम घटाकर 82 रुपए कर दिए हैं। पोल्ट्री फार्म के कारोबार से जुड़ी कंपनियों सीमरन, आईबी और शगुन ने डीलर्स को बॉयलर की सप्लाई देने से इंकार कर दिया है। पत्थरबाजों को सख्त सजा देने के लिए नए कानून में प्रावधान होगा कि यदि पब्लिक के अलावा प्राइवेट प्रॉपर्टी को नुकसान की भरपाई आरोपियों से की जाएगी। इस कानून में पत्थरबाजी के अलावा हड़ताल या दंगों में प्राइवेट प्रॉपर्टी को नुकसान को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। कानून में यह भी प्रावधान किया जा रहा है, आरोपियों से नुकसान की वसूली सामूहिक और निजी, दोनों होगी। यदि किसी घटना में 100 लोग शामिल हैं, तो नुकसान की रिकवरी की राशि सभी आरोपियों में बराबर-बराबर वसूली जाएगी। कानून के ड्राफ्ट के मुताबिक पत्थरबाजी के लिए उकसाने वालों से भी नुकसान की भरपाई की जाएगी। देश में पहली बार भोपाल में ट्रांसजेंडर्स को पहचान पत्र जारी किए गए हैं। अब तक ट्रांसजेंडर के पास व्यक्तिगत आईडी नहीं होती थी। उनके पास आधार, वोटर कार्ड आदि दस्तावेज होते हैं, लेकिन अलग से ट्रांसजेंडर की आईडी नहीं थी। देश में पहली बार भोपाल से इसकी शुुरुआत हुई है। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने शुक्रवार को दो ट्रांसजेंडर्स को यह जारी भी कर दिए। सामाजिक न्याय विभाग के संयुक्त संचालक आरके सिंह ने बताया कि अब भोपाल देश में पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां ट्रांसजेंडर्स के पास उनका पहचान पत्र होगा। हाई कोर्ट जजेस की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। इंदौर खंडपीठ के जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव को प्रिंसिपल बेंच जबलपुर का प्रशासनिक जज बनाया गया। जस्टिस सुजॉय पाॅल को जबलपुर से इंदौर खंडपीठ भेजते हुए यहां का प्रशासनिक जज बनाया गया है। जस्टिस वीरेंदर सिंह को जबलपुर भेजने का फैसला चैकाने वाला रहा। इंदौर से नाता रखने वाले जस्टिस सुबोध अभ्यंकर को इंदौर भेजा गया है। भास्कर ने विगत 25 दिसंबर के अंक में ही खुलासा किया था कि जस्टिस श्रीवास्तव जबलपुर भेजे जा सकते हैं और दो जजेस इंदौर आ सकते हैं।