मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सागर का पंचायत मॉडल रास आ आया है। जल्द ही इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जायेगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को सागर के ई पंचायत मॉडल का प्रजेंटशन दिया है। जिसकी खूब सराहना हों रही है। दरअसल कोरोना संक्रमण के इस दौर में मप्र की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। ऐसे में सागर जिला पंचायत ने ई पंचायत की व्यवस्था लागू कर तीन करोड़ की बचत की है। पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था को लागू किया जाये तो सरकार के 100 करोड़ रुपये की बचत होगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंत्री और अपर मुख्य सचिव ने मंगलवार को आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए किये जा रहे काम और आय बढ़ाने के लिए अपने विभाग का प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि सागर जिले की सभी ग्राम पंचायतों को ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे बड़े पैमाने पर राजस्व की हानि रुकी है। सागर की पंचायतों में निर्माण कार्यो में हर साल डेढ़सौ करोड़ की निर्माण सामग्री की खरीदी होती है उस खरीदी पर लगने वाला जीएसटी भी करोड़ो में होता है। इसकी खरीदी विक्रेताओं पंचायत स्तर पर की जाती है। पंचायतों में विक्रेताओं से कर वसूली नहीं करने से सरकार को राजस्व का काफी नुकसान आता हैं। इससे टेक्स चोरी भी बढ़ती है। ई पंचायत की व्यवस्था से बिल भुगतान के समय ही कर की गड़ना करते हुए टीडीएस काट लिया जाता है। ऑनलाइन चालान के माध्यम से टैक्स जमा कराया जाता है ये सभी वयवस्था ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। सागर का पंचायत मॉडल समय के साथ ही आर्थिक बचत में सार्थक सिद्ध होगा।