लोकसभा चुनाव 2019 में कालेधन के लेनदेन की रिपोर्ट आने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पहली बार इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उपचुनाव में सिर्फ 9 सीटें मिलने पर मध्य प्रदेश की राजनीति छोड़कर दिल्ली जाने के बयान पर कमलनाथ ने कहा- मैं मध्य प्रदेश से हिलूंगा तक नहीं। राजनीति से संन्यास लेने की बात को भी उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के ठश्रच् में भविष्य के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि वे (सिंधिया) को कितना सेटिस्फाई कर पाते हैं, इस पर निर्भर करेगा, क्योंकि सिंधिया सेटिस्फेक्शन की राजनीति करते हैं। राजधानी के 40 से ज्यादा लोगों के वॉट्सएप को हैक कर लिया गया है। लॉगइन करने से पहले वॉट्सएप की ओर से इंटरनेट यूजर नंबर पर भेजे गए ओटीपी एसएमएस को जालसाज अपना बताकर ये धोखाधड़ी कर रहे हैं। ये ओटीपी नंबर भेजते ही जालसाज उक्त व्यक्ति का वॉट्सएप एप्लीकेशन अपने फोन में लॉगइन कर रहे हैं। वॉट्सएप से बैकअप री-स्टोर कर डाटा के साथ छेड़छाड़ भी कर रहे हैं। ये गड़बड़ी सोमवार शाम करीब सात बजे से आठ बजे के बीच हुई। राजधानी में कोरोना संक्रमण को 9 महीने से ज्यादा हो गए हैं। यहां पर 22 मार्च को पहला संक्रमित मरीज मिला था। तब से संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को 126 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। जबकि 209 ठीक होकर घर चले गए। भोपाल में संक्रमित मरीजों की संख्या 40 हजार 489 से बढ़कर 40 हजार 615 हो गई है। जबकि स्वस्थ हुए मरीजों का आंकड़ा 35 हजार 990 से बढ़कर 36 हजार 170 हो गया है। जबकि भोपाल में 5068 एक्टिव केस हैं। इसमें से 900 से ज्यादा मरीजों का इलाज होम आइसोलेशन में चल रहा है। जबकि 4163 एक्टिव मरीजों का इलाज शहर के विभिन्न सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है। 2020 को अलविदा कहने के साथ ही हर कोई 2021 के वेलकम का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। हालांकि इस बार नए साल के जश्न में थोड़ी खलल जरूर पैदा होने वाली है, वह कोरोना के कारण। कोरोना के चलते इस बार प्रशासन ने कई आयोजनों पर रोक लगा रखा है। जैसे पब, बार, रेस्टोरेंट में 50 फीसदी क्षमता के साथ ही नए साल का जश्न मनाया जा सकेगा। वहीं, गार्डन, किसी भी खुली जगह पर कोई आयोजन नहीं होगा। ना कहीं, डांस होगा, ना ही कोई बाहरी कलाकार अपनी अदा बिखेर पाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि कहीं पर भी एंट्री फीस वाली एंट्री नहीं होगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने वन-टृ-वन चर्चा में विधायकों से पूछा कि कहीं कोई अधिकारी काम तो नहीं अटका रहा। चर्चा मुख्य रूप से आगामी निकाय चुनाव पर केंद्रित रही। सीएम ने भाजपा विधायकों से निकाय चुनाव के पहले प्रदेश सरकार के विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए कहा। सपा-बसपा व कांग्रेस के विधायक भी उनसे मिले। सीएम ने विधायकों से कहा कि निकाय चुनाव में महापौर व अध्यक्ष और पार्षद प्रत्याशियों को जिताने की जिम्मेदारी विधायकों की है। उन्होंने पूछा कि आपके क्षेत्र में क्या स्थिति है। किसी तरह की प्रशासनिक दिक्कत तो नहीं आ रही। आखिरकार एमपी पीएससी ने राज्य सेवा परीक्षा-2020 का विज्ञापन जारी कर दिया। इसमें 235 पद निकाले हैं। प्रारंभिक परीक्षा 11 अप्रैल 2021 को दो शिफ्ट में होगी। पहला परचा सामान्य अध्ययन और दूसरा सामान्य अभिरुचि परीक्षण का होगा। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 11 जनवरी से शुरू होगी। 10 फरवरी की रात 12 बजे तक आवेदन हो सकेंगे, जबकि त्रुटि सुधार 15 जनवरी से 12 फरवरी तक होगा। अभ्यर्थियों की उम्र की गणना 1 जनवरी 2021 से की जाएगी। वन सेवा परीक्षा भी इसके साथ ही होगी। पीएससी की परीक्षा इस बार 235 पदों के लिए हो रही है। राजधानी में नए साल का जश्न होटल, पब और ओपन स्पेस में मनाया जा सकेगा। खास बात यह है ओपन स्पेस जैसे गार्डन या मैदानों में होने वाले आयोजन में एक बार में 200 से ज्यादा लोग एकत्रित नहीं होना चाहिए। इसी तरह होटल, क्लब और पब आदि में भी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही नए साल का कार्यक्रम आयोजित किया जा सकेगा। डिस्ट्रिक्ट क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में तय हुआ कि नए साल के कार्यक्रम में होटल या अन्य स्थानों पर कहीं भी भोपाल से बाहर के कलाकार नहीं बुलाए जा सकेंगे। ऐसा इसलिए किया गया है जिससे शहर के बाहर की कोई सेलिब्रिटी या कलाकार के कारण भीड़ जैसी स्थिति न बने। इसी तरह खुले क्षेत्रों में तेज आवाज में डीजे-डिस्को आदि का प्रयोग भी प्रतिबंधित रहेगा। केवल संगीत आदि का कार्यक्रम किया जा सकेगा। कार्यक्रम बहुत बड़े स्तर पर नहीं किए जाएंगे जिसमें भीड़ होने की संभावना रहे। राजधानी में 9 महीने से बंद कोचिंग संस्थान अब 1 जनवरी से 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुल सकेंगे। अभिभावकों की सहमति के बाद छात्र फिर से कोचिंग जा सकेंगे। डिस्ट्रिक्ट क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में कोचिंग संस्थानों को खोलने पर सहमति बनी। एडीएम दिलीप यादव ने बताया कि कोचिंग संस्थानों में जिला प्रशासन के अधिकारी कभी भी निरीक्षण कर सकते हैं। इस दौरान मांगे जाने पर संचालक को हर छात्र के अभिभावक की लिखित अनुमति दिखाना पड़ेगी।