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राज्य
25-Dec-2020

कोरोना संक्रमण के चलते आर्थिक संकट से जूझ रही मध्य प्रदेश सरकार को केंद्र सरकार ने खुले बाजार से 2,373 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेने की अनुमति दे दी है। नगरीय निकाय के चुनाव से ठीक पहले केंद्र ने यह अनुमति देकर शिवराज सरकार को बड़ी राहत दी है। केंद्र की शर्त के मुताबिक राज्य सरकार को कर्ज की राशि का 50 फीसदी नागरिक सुविधाओं में खर्च करना होगी। केंद्र ने कहा है कि नगरीय निकायों से जुड़े सुधारों के साथ वन नेशन-वन राशन कार्ड स्कीम को लागू करने में भी इस राशि का उपयोग किया जाए। रातापानी सेंचुरी में टाइगर सफारी के लिए पर्यटकों के लिए 1 अक्टूबर से झिरी के गेट खोले गए थे, लेकिन अब 25 दिसंबर से करमई गेट भी खोला जा रहा है। हालांकि अभी पूरे 36 किमी के ट्रैक पर सफारी करने के लिए पर्यटकों को 26 जनवरी तक का इंतजार करना होगा। पर्यटक यहां से फिलहाल 16 किमी तक ही सफारी कर सकेंगे। वन विभाग ने इमलाना तक सफारी के लिए ट्रैक तैयार कर दिया है। रातापानी सेंचुरी के अधीक्षक पीके त्रिपाठी का कहना है कि झिरी और करमई गेट को जोड़ने वाला 8 किमी का ट्रैक तैयार किया जा रहा है। आईएसबीटी स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय पर गुरुवार को रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोग परेशान होते रहे। आम तौर पर जिस रजिस्ट्री में 8 से 10 मिनट लगते हैं, उसमें 35 से 40 मिनट लग रहे थे। नतीजा जिन लोगों को सुबह 11 बजे का स्लॉट मिला था उनका नंबर दोपहर एक बजे के बाद आया। नतीजा, रजिस्ट्रार दफ्तर में भीड़ लग गई। इससे सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना गाइडलाइन का पालन मुश्किल हो गया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रतलाम और विदिशा में रात 10 से सुबह छह बजे तक लगा कर्फ्यू हटा लिया गया है। कोविड-19 के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बाद सरकार ने इन सभी जिलों में 21 नवंबर से रात का कर्फ्यू शुरू किया था। इस दौरान सभी दुकानें व व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखने के निर्देश दिए थे। पहले दुकानों को रात आठ बजे बंद करने के निर्देश थे, जिसे बाद में बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। अब इस प्रतिबंध को पूरी तरह हटा लिया गया है। गुरुवार को गृह विभाग ने इस संबंध में 20 नवंबर को जारी निर्देश को निरस्त कर दिया। इन जिलों में कोरोना के मामलों में पिछले दिनों आई कमी को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। मध्य प्रदेश में किसी भी सरकारी कार्यक्रम के पहले बेटियों का पूजन होगा। इस संबंध में गुरुवार को आदेश जारी कर दिया गया। इसकी घोषणा ब्ड शिवराज सिंह चैहान ने 15 अगस्त को आजादी की सालगिरह पर की थी। इसमें उन्होंने महिला और बेटी के सम्मान का संकल्प लेते हुए एलान किया था कि प्रदेश में बेटियां की पूजा से ही सभी सरकारी आयोजन प्रारंभ होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने स्वाधीनता दिवस पर महिला और बेटी के सम्मान में लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 78 हजार से अधिक ई-सर्टिफिकेट जारी किए थे। गुरुवार को जारी आदेश में लिखा गया है- श्शासकीय कार्यक्रम बेटियों की पूजा से आरंभ किए जाएंश् आदेश में प्रदेश के समस्त विभाग, कलेक्टर, संभागायुक्त, मुख्य कार्यपालन अधिकारी और अन्य सरकारी विभाग शामिल हैं। गृह विभाग के लिए प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड को कांस्टेबल भर्ती परीक्षा आयोजित करानी है। इसके लिए पीईबी को 25 नवंबर को रूलबुक जारी करनी थी। उपचुनाव से पहले इसके लिए अधिकारिक सूचना जारी की गई। लेकिन हकीकत यह है कि रूलबुक अभी तक पूरी तरह से तैयार ही नहीं हो सकी। गृहविभाग से एक बार पीईबी को रूलबुक मिल चुकी है। इसके बाद भी इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। पीईबी के शेड्यूल के अनुसार यह परीक्षा 6 मार्च को होनी है। प्रदेश के टेक्निकल इंस्टीट्यूट 1 जनवरी से छात्रों की 33 प्रतिशत की उपस्थिति के साथ खोलने की सहमति बुधवार को राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) की कार्यपरिषद की बैठक में बन गई है। कुल छात्र संख्या के 33 प्रतिशत छात्र रोटेशन में कॉलेज आ जा सकेंगे। आरजीपीवी द्वारा तैयार एसओपी के अनुसार किसी भी स्थिति में 50 प्रतिशत से अधिक स्टूडेंट उपस्थित नहीं होने चाहिए। सभी रिसर्च स्कॉलर, पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स के स्टूडेंट कॉलेज ज्वाॅइन कर सकेंगे। इसके अलावा अंडर ग्रेजुएशन कोर्स के फाइनल ईयर स्टूडेंट एकेडमिक और प्लेसमेंट के उद्देश्य से ज्वॅाइन कर सकेंगे। मेडिकल टीचर्स को चाइल्ड केयर लीव और अध्ययन अवकाश का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक सातवें वेतनमान का एरियर भी दिया जाएगा। इसके अलावा वेतन विसंगति दूर होगी। आयुष्मान योजना का लाभ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को मिलेगा। समयमान वेतनमान समेत सातवें वेतनमान में आठ साल में सहायक प्राध्यापक से एसोसिएट प्रोफेसर बनाने की मांग जल्द पूरी होंगी। ये आश्वासन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने गुरुवार को मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के साथ हुई बैठक में दिए। जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा के कर्नाटक हाई कोर्ट जाने के बाद इंदौर खंडपीठ की तस्वीर बदली-बदली सी नजर आएगी। चीफ जस्टिस के रूप में जस्टिस मो. रफीक के आने बाद वरीयता के क्रम में इंदौर खंडपीठ के जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव पहले नंबर पर होंगे। इस नाते वह प्रिंसिपल बेंच जबलपुर में प्रशासनिक जज की भूमिका में नजर आ सकते हैं। वहीं इंदौर खंडपीठ में जस्टिस रोहित आर्य प्रशासनिक जज बन सकते हैं। इंदौर खंडपीठ में जजेस की कमी भी कुछ हद तक पूरी करने के लिए दो जज भेजे जाएंगे।