प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वकांक्षी योजनाओं में शामिल आयुष्मान भारत योजना का मध्य प्रदेश में बुरा हाल है. आयुष्मान भारत योजना “निरामयम” को लागू हुए दो साल हो गए, लेकिन प्रदेश में अब तक 25 फीसदी हितग्राहियों के ही कार्ड बन पाए हैं. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल किए जा रहे हैं । मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कहीं-कहीं 25 प्रतिशत कार्ड भी नहीं बने हैं. अरब सागर से आने वाली नमी में कमी होते हुए प्रदेश भर में बादल हटने लगे हैं, ऐसे में ठंड ने जोर पकड़ लिया है। यही कारण रहा कि भोपाल समेत प्रदेश भर में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से 4 डिग्री तक कम हो गया। सागर और रतलाम में रात का पारा सामान्य से नीचे चला गया है। हालांकि पचमढ़ी में दिन और रात के तापमान में उछाल दर्ज की गई है। प्रदेश युवक कांग्रेस के चुनाव के तीन दिन बाद भी रिजल्ट घोषित नहीं हुआ है। इससे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। प्रदेश के कई जिलों से पार्टी के नेता राहुल गांधी को शिकायतें भेजी जा रही हैं। इनमें आरोप है कि वोटिंग के बाद नए नियम जारी किए गए। यह नियम सोमवार सुबह 9 बजे डीआरओ ने सोशल मीडिया पर जारी किए गए हैं। चुनाव से पहले तक सदस्य बनाए गए, लेकिन 2018 की वोटर लिस्ट के आधार पर ऑनलाइन वोटिंग करा दी गई। 27 फरवरी 2020 को ऑनलाइन मेंबरशिप शुरू की गई, जिसकी फीस 125 रुपए प्रति सदस्य ली गई थी। मप्र में कोविड वैक्सीनेशन की तैयारी तकरीबन पूरी हो गई है। वैक्सीन के स्टोरेज वाले कोल्ड चेन पॉइंट टीकाकरण केंद्र के इतने पास रखे जाएंगे कि एक घंटे के भीतर वैक्सीन वहां पहुंचाई जा सकें। पूरे प्रदेश में इन कोल्ड चेन पॉइंट की संख्या फिलहाल 1214 है। इन पॉइंट के मामले में मप्र देश में दसवें नंबर पर है। जबकि वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या एक करोड़ से ज्यादा है। इसलिए 62 और पॉइंट बढ़ाए जा रहे हैं। रेत खनन की मॉनिटरिंग को सख्त करने के लिए राज्य सरकार ने तय किया है कि अब रेत का भंडारण खदान से पांच किमी दूर से लेकर 8 किमी तक ही किया जा सकेगा। ठेकेदार हर कहीं रेत नहीं रख पाएगा। रेत भंडारण के लिए पहले प्रावधान था कि वे खदान से दो किमी दूर से लेकर पांच किमी तक ही रेत रख पाते थे। इसके साथ ही यह भी तय हुआ है कि तीन साल के लिए मिलने वाली खदान की मियाद की गणना आशय-पत्र जारी होने के दिन से होगी। कैबिनेट ने रेत नियम 2019 में किए गए उपरोक्त संशोधन को मंजूरी दे दी। स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए राज्य सरकार चाहे तो एक ही फैसले से लगभग 345 डॉक्टरों की कमी पूरी कर सकती है। स्पेशलिस्ट और एमबीबीएस डिग्री वाले डॉक्टर इलाज की बजाय बाबूगीरी में जुटे हुए है। अभी सरकारी अस्पतालों, व मेडिकल कॉलेज में 2300 विशेषज्ञ, 1677 मेडिकल ऑफिसर सहित कुल 4 हजार डॉक्टरों की कमी है, जिसमें से 10 फीसदी तत्काल पूरी हो सकती है। स्वास्थ्य संचालनालय ओर एनएचएम में 30 से ज्यादा डॉक्टर नॉन क्लिनिकल काम में लगे है। कृषि कानूनों के फायदे बताने के लिए बीजेपी किसान सम्मेलन आयोजित कर रही है तो दूसरी तरफ किसानों के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित सभी कांग्रेस नेता उपवास रखेंगे। नए कृषि कानून के खिलाफ दिल्ली में जारी किसान आंदोलन का प्रदेश कांग्रेस ने समर्थन करते हुए सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है। कांग्रेस नेता प्रदेश मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक किसानों के समर्थन में उपवास रखेंगे। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने बताया कि कौन से जिले में कब आंदोलन होगा, इसका कार्यक्रम जल्दी ही जारी किया जाएगा।