Hindi News Agency,Public Search Engine, Public directory - Express Media Service
राष्ट्रीय
29-Sep-2026

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चीड़बासा के पास देर रात स्लाइडिंग के चलते फंसे करीब 1500 यात्रियों को SDRF NDRF और DDRF की संयुक्त टीमों ने सुरक्षित रेस्क्यू कर गौरीकुंड पहुंचाया। दिनांक 27 सितम्बर 2026 की देर रात DCR रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग पुलिस को सूचना मिली कि गौरीकुंड से करीब तीन किलोमीटर आगे चीड़बासा क्षेत्र में स्लाइडिंग के कारण कई यात्री मार्ग के दूसरी ओर फंस गए हैं। सूचना मिलते ही SDRF सोनप्रयाग की टीम सब इंस्पेक्टर आशीष डिमरी के नेतृत्व में तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर टीम को चीड़बासा हैलीपैड के समीप मार्ग पर स्लाइडिंग के कारण मलबा जमा मिला। इसके साथ ही पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे जिससे यात्रियों की आवाजाही बेहद जोखिमपूर्ण हो गई थी। हालात को देखते हुए SDRF NDRF और DDRF की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। उत्तराखंड में पलायन वापसी को लेकर प्रदेश सरकार के प्रयास रंग ला रहे हैं। इसमें लगभग 44 प्रतिशत की वृद्धि अच्छा संकेत है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ बैठक कर पलायन वापसी को लेकर मंथन किया। यह सार्थक कदम है। पलायन की समस्या विशेष रूप से राज्य के सीमांत पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक है। मूलभूत सुविधाओं की कमी आजीविका एवं रोजगार के पर्याप्त अवसरों के अभाव ने ग्रामीणों को अपने मूल स्थानों को छोड़ने के लिए विवश किया। वर्षों से चल रहे इस क्रम का ही परिणाम है कि सैकड़ों की संख्या में ग्राम जनशून्य हो चुके हैं। पौड़ी और अल्मोड़ा जिलों पर पलायन की सर्वाधिक मार पड़ी। उत्तरकाशी के कालिंदी ट्रेक स्थित ओडिन कॉल क्षेत्र में फंसे 29 ट्रेकर्स का सफल रेस्क्यू कर लिया गया है। सभी ट्रेकर्स को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित हर्षिल पहुंचाया गया जहां उनका मेडिकल चेकअप किया जा रहा है। ओडिन कॉल क्षेत्र में फंसे ट्रेकर्स के रेस्क्यू के लिए SDRF जिला पुलिस सेना स्थानीय प्रशासन और UCADA की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाया।SDRF सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में अभियान की लगातार निगरानी की गई। हेलीकॉप्टर की मदद से सभी 29 ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालकर आर्मी बेस हर्षिल पहुंचाया गया।हर्षिल स्थित सैन्य अस्पताल में सभी ट्रेकर्स की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की जा रही है। रेस्क्यू अभियान के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जताए जाने के बाद बीजेपी ने उन पर निशाना साधा है। धर्मपुर विधायक और बीजेपी के वरिष्ठ नेता विनोद चमोली ने हरीश रावत के बयानों और राजनीतिक रुख को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि हरीश रावत समय-समय पर अपना रंग बदलते रहे हैं जैसे गिरगिट बदलता है और उनकी सोशल मीडिया पोस्ट से पूरा उत्तराखंड हैरान रह जाता है। विनोद चमोली ने कहा कि जब ईडी की कार्रवाई सामने आती है तो हरीश रावत अपने पदों से इस्तीफा देने और राजनीति से दूरी बनाने की बात करते हैं लेकिन बाद में फिर सक्रिय राजनीति में लौट आते हैं। उन्होंने कहा कि कभी हरीश रावत राजनीतिक संन्यास की बात करते हैं और अब चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे हैं। उत्तराखंड राज्य गठन के करीब 26 साल बाद भी प्रदेश के कई गांव सड़क सुविधा से अछूते हैं। इसको लेकर कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि सरकार लगातार गांवों को सड़क से जोड़ने का काम कर रही है लेकिन कम आबादी और वन भूमि से जुड़े मामलों के कारण कुछ गांव अब भी सड़क से दूर हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ढाई सौ या उससे अधिक आबादी वाले गांवों को प्राथमिकता मिलती है जबकि कई दूरस्थ गांवों की आबादी 20 से 30 के बीच है। ऐसे गांवों को राज्य योजना से सड़क से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि वन स्वीकृति में देरी बड़ी चुनौती है और कई मामलों में 8 से 9 साल तक लग जाते हैं। इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए वन विभाग से बातचीत की जा रही है। उनका कहना है कि आबादी कितनी भी कम हो हर गांव तक सड़क पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी द्वारा आज सभी जिला मुख्यालयों में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ता प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। बंसल ने कहा कि कांग्रेस का अब धरातल पर कुछ नहीं बचा है। ना कांग्रेस के पास लोग हैं ना कार्यकर्ता और ना जनता। इसलिए कांग्रेस के लिए सिर्फ झूठ का भ्रम फैलाने के अलावा कोई काम नहीं रह गया है।प्रदेश महामंत्री ने प्रतिकात्मक अर्थी के विषय पर कहा कि भारतीय संस्कृति सम्मान और आदर की संस्कृति है लेकिन कांग्रेस उससे कई कोस दूर हैं। उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि विपक्ष को जहाँ लगे कि विरोध करना है तो करे लेकिन ध्यान भी रखे कि विरोध मर्यादा में होना चाहिए।