सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा चढ़ा निफ्टी भी मजबूत शेयर बाजार में आज यानी 10 अगस्त को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा की बढ़त के साथ 78600 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी भी करीब 30 अंक चढ़कर 24600 के आसपास पहुंच गया है। बाजार में ऑटो IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के शेयरों में ज्यादा खरीदारी देखने को मिल रही है। बिस्किट से साबुन-तेल तक महंगे हो सकते हैं FMCG प्रोडक्ट्स देश में रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले FMCG प्रोडक्ट्स जल्द महंगे हो सकते हैं। बिस्किट साबुन तेल और अन्य जरूरी सामान की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कंपनियां कर रही हैं। जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण पाम ऑयल चीनी और क्रूड ऑयल जैसे कच्चे माल की लागत बढ़ने से कंपनियों के मार्जिन पर दबाव है। कंपनियां सीधे कीमतें बढ़ाने के साथ-साथ श्रिंकफ्लेशन का भी सहारा ले सकती हैं यानी कीमत वही रखते हुए पैकेट में सामान की मात्रा कम की जा सकती है। 1 अप्रैल 2027 से सस्ती हो सकती हैं हाइब्रिड और EV कारें हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारें 1 अप्रैल 2027 से सस्ती हो सकती हैं जबकि ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली पेट्रोल-डीजल कारों की कीमत बढ़ सकती है। केंद्र सरकार ने यात्री वाहनों के लिए नए कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी मानकों का ड्राफ्ट जारी किया है। प्रस्तावित नियमों का उद्देश्य वाहनों की ईंधन दक्षता बढ़ाना और प्रदूषण कम करना है। नई नीति से एथेनॉल हाइब्रिड और EV वाहनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ ED की चार्जशीट ₹187 करोड़ की हेराफेरी का आरोप रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की है। कार्रवाई 8 अगस्त को नई दिल्ली की विशेष PMLA कोर्ट में की गई। ED ने रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर पूर्व डायरेक्टर सतीश सेठ और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि NHAI की चार सड़क परियोजनाओं से जुड़े करीब 187 करोड़ रुपये फर्जी कंपनियों के नेटवर्क के जरिए दूसरी जगह ट्रांसफर किए गए। मामले में फर्जी बिल और डायमंड इम्पोर्ट के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी लगाए गए हैं। अगस्त के पहले हफ्ते में विदेशी निवेशकों ने लगाए ₹12921 करोड़ भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ता दिख रहा है। अगस्त के पहले हफ्ते में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार में 12921 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे पहले जुलाई में विदेशी निवेशकों ने करीब 20200 करोड़ रुपये लगाए थे। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद भारतीय अर्थव्यवस्था की बेहतर स्थिति और स्थिर रुपये को विदेशी निवेश बढ़ने की प्रमुख वजह माना जा रहा है।