बेमेतरा जिला में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की जर्जर स्थिति को लेकर एनएसयूआई पदाधिकारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि भवन की खराब हालत से छात्राओं की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। एनएसयूआई ने छात्रावास की तत्काल मरम्मत कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। दिल्ली में छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग के विरोध में रायपुर के अंबेडकर चौक पर एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। दिल्ली और रायपुर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज हो गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि आंदोलन में शामिल लोग वास्तविक छात्र नहीं बल्कि राजनीतिक दलों से जुड़े प्रतीत होते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी बात लोकतांत्रिक और अनुशासित तरीके से रखनी चाहिए तथा प्रतिनिधिमंडल की बात सुनी गई है। वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलनों को दबाने के बजाय उनकी मांगों का समाधान किया जाना चाहिए। साथ ही पेपर लीक के मुद्दे पर भाजपा और सरकार पर भी सवाल उठाए। भाजपा की दो दिवसीय बैठक को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने भाजपा में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रहे हैं और पार्टी के भीतर मतभेद बढ़ रहे हैं। वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा की संगठनात्मक बैठकें नियमित प्रक्रिया का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी आंतरिक कलह भाजपा पर थोपने की कोशिश कर रही है जबकि गुटबाजी कांग्रेस में है भाजपा में नहीं।