भ्रष्टाचार की भेट चढ़ा मेहरा तालाब कब होगी भ्रष्टाचारियों पर कार्यवाही तीन साल से पुल के इंतजार में ग्रामीण आंदोलन की दी चेतावनी बैहर में निकाली गई भगवान जगन्नाथ की रथ अदालत या कोर्ट के आदेशों की आड़ में विकास अथवा निर्माण कार्यों में होने वाली वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार अक्सर गंभीर प्रशासनिक व कानूनी चिंता का विषय बनते हैं। जब किसी सार्वजनिक या निजी निर्माण कार्य को न्यायालय से हरी झंडी मिलती है तो कई बार अधिकारी और ठेकेदार नियमों को दरकिनार कर इसे अवैध वसूली घटिया सामग्री के इस्तेमाल और लूट का जरिया बना लेते हैं। ऐसे में कोर्ट का आदेश होने के बाद स्थानीय प्रशासन अक्सर जमीनी स्तर पर हो रही वित्तीय धांधली या ठेकेदारों की मनमानी पर नजर रखना बंद कर देता है। जिसके कारण निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए अक्सर फर्जी लैब टेस्ट और अमानक रिपोर्ट्स का सहारा लिया जाता है जिससे करोड़ों के घोटाले को अंजाम दिया जाता है। ऐसा ही एक बड़े भ्रष्टाचार का मामला एनजीटी के आदेश के पालन में नगरपालिका परिषद बालाघाट के द्वारा किया गया है। जिले की बैहर तहसील के गढ़ी क्षेत्र के ग्राम लपटी और माना के ग्रामीण मंगलवार को बारिश के बीच करीब 140 किलोमीटर का सफर तय कर कलेक्ट्रेट पहुंचे। ग्राम पंचायत सरपंच भगवंती उइके और आदिवासी युवा नेता शुभम उइके के नेतृत्व में ग्रामीणों ने माना-लपटी के बीच करीब दो-तीन साल से टूटे पुल के शीघ्र निर्माण की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने प्रशासन से अगस्त माह तक निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्ष 2023 से लगातार मांग करने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिल रहे हैं। पुल नहीं होने से बरसात में स्कूली बच्चों किसानों और ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चेतावनी दी गई कि समय पर काम शुरू नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट के सामने अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। बालाघाट में भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने अपने 11वें स्थापना दिवस के अवसर पर बूढ़ी स्थित जिला कार्यालय में कार्यकर्ता सम्मेलन और विचार संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम में संगठन की गतिविधियों विस्तार और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। जिलाध्यक्ष रितेश बोरकर ने बताया कि युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए जल्द सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की। साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के आमरण अनशन और पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की। बोरकर ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि संगठन इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। भारत मुक्ति मोर्चा एवं राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को १२ सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुुंचकर संयुक्त कलेक्टर प्रदीप कुमार कौरव को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें देश में संविधान की मूल भावना सामाजिक न्याय धार्मिक स्वतंत्रता एवं नागरिक समानता की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए केंद्र सरकार से विभिन्न विषयों पर त्वरित कार्रवाई करने गुहार लगाई गई। उन्होंने सांप्रदायिक हिंसा रोकने सख्त कानून बनाए जाने की मांग की है। शीघ्र मांगों को पूर्ण नहीं किए जाने पर आगामी दिनों में सडक़ पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। भगवान श्री जगन्नाथ जी महाराज की भव्य रथ यात्रा २१ जुलाई को पूरे हर्षोल्लास अटूट आस्था और पारंपरिक सनातनी रीति-रिवाजों के साथ जोड़ा मंदिर से गरिमामय ढंग से निकाली गई। इस यात्रा का साक्षी बनने के लिए भक्त भक्ति के रंग में सराबोर नजर आये। यात्रा के दौरान भारी बारिश में भी श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया। यात्रा बड़ी खैरमाता मंदिर होते हुए आगे की ओर बढ़ी। यात्रा में श्रद्धा और आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि नगर की सडक़ें छोटी नजर आई। हर तरफ जय जगन्नाथ और हरे कृष्णा महामंत्र की गूंज सुनाई दे रही थी जिसने पूरे वातावरण को पूरी तरह से धर्ममय और अलौकिक बना दिया। जिले के बिरसा विकासखंड की ग्राम पंचायत अडोरी के ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर जनसुनवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे। खेत की भूमि का पट्टा देने सहित अन्य मांगों को लेकर उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिला मुख्यालय पहुंचने के दौरान बैहर चौकी के पास यातायात पुलिस ने पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक सवारी होने पर चालानी कार्रवाई की और ग्रामीणों को वाहन से उतरवा दिया। इसके बाद ग्रामीण पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे और कार्रवाई का विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी समस्याएं लेकर जनसुनवाई में आ रहे थे ऐसे में यह कार्रवाई उचित नहीं है। वहीं सरपंच परसराम ध्रुवे ने बताया कि कई परिवार वर्षों से चारागाह और वन भूमि पर खेती कर रहे हैं लेकिन वन विभाग बेदखली की कार्रवाई कर रहा है। ग्रामीणों ने शीघ्र भूमि पट्टा देने की मांग की है।