जबलपुर। मदन महल फ्लाईओवर के नीचे रहने वाले रुद्रांश बाण के घर पर बीते 3 मई को आसमान से मौत बनकर गिरे ज्वलनशील पदार्थ ने पूरे इलाके को दहला दिया था। इस खौफनाक हादसे में मासूम शिवांश बुरी तरह झुलस गया था जो अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़कर जैसे-तैसे ठीक हुआ है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात सिरफिरे के खिलाफ धारा 307 का मुकदमा तो ठोक दिया लेकिन हैरानी की बात यह है कि घटना के करीब दो महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। अब अपनी नाकामी को छिपाने या यूं कहें कि केस को रफा-दफा होने से बचाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने आरोपी पर 5000 रुपए के नकद इनाम का पासा फेंका है। थाना प्रभारी धीरज राज का कहना है कि जांच में कई महत्वपूर्ण क्लू मिले हैं और हम आरोपी के बेहद करीब हैं। जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होगा। जबलपुर। नगर पुलिस अधीक्षक गोहलपुर मधुर पटेरिया अपनी 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस अवसर पर हनुमानताल गोहलपुर और घमापुर थाना पुलिस द्वारा उनके सम्मान में हनुमानताल थाने में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूर्व CSP मधुर पटेरिया के उत्कृष्ट सेवाकाल और अच्छे आचरण की सराहना करते हुए उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किए और उनके सुखद भविष्य की कामना की।इसी दौरान नवनियुक्त CSP हेमंत कुमार ने गोहलपुर का पदभार ग्रहण कर लिया। जबलपुर। शहर में ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली सामान बेचने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली की एक लॉ फर्म की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने तुलाराम चौक स्थित मैडम फुटवेयर और अंधेरदेव स्थित आर.के. फुटवेयर पर छापा मारा। पुलिस ने दोनों थोक दुकानों से पूमा कंपनी की हूबहू दिखने वाली 592 जोड़ी नकली चप्पलें जब्त की हैं जिनकी कीमत करीब 1 लाख 77 हजार 600 रुपये है।कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मैडम फुटवेयर के मालिक पंकज खत्री बेलबाग और आर.के. फुटवेयर के मालिक आवेद अली को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम की धारा 51 और 63 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जबलपुर। छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने निकले एनएसयूआई के छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं को मंगलवार को पुलिस ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया। इस दौरान आगे बढ़ने को अड़े प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। छात्रों ने पुलिस के सामने ही जमकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री तक अपनी मांगें पहुंचाने की बात कही लेकिन सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देकर पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया।माहौल तनावपूर्ण होता देख पुलिस ने कई छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और वाहन में बैठाकर थाने ले गई। प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस कार्रवाई पर आक्रोश जताते हुए एनएसयूआई ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है वहीं पुलिस का साफ कहना है कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया।