राजा भोज को लेकर विवाद पंवार समाज का प्रदर्शन 24 घंटे में चोरी का खुलासा दो आरोपी गिरफ्तार आधुनिक खेती की ओर बढ़ते कदम : किसान कर रहे डीएसआर तकनीक से धान की बुवाई गर्रा रेलवे ओवरब्रिज का नाम चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज के नाम पर रखे जाने के बाद विवाद गहरा गया है। पूर्व सांसद कंकर मुंजारे के उस बयान से पंवार समाज में नाराजगी है जिसमें उन्होंने कहा था कि राजा भोज का बालाघाट से कोई संबंध नहीं है। इसके विरोध में गुरुवार को पंवार समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर मुंजारे के निवास के सामने प्रदर्शन किया और उनका पुतला दहन किया। समाज के जिला अध्यक्ष विशाल बिसेन ने इसे राजा भोज और पंवार समाज का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की। वहीं कंकर मुंजारे अपने बयान पर कायम हैं। सीएसपी मयंक तिवारी ने बताया कि ज्ञापन के आधार पर मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिले के लांजी थाना क्षेत्र में सूने मकान में हुई चोरी का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात नगदी समेत कुल 4 लाख 15 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है। वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी जब्त कर ली गई है पुलिस के अनुसार लांजी निवासी रूपेश बड़मे ने 16 जून को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके सूने मकान से अज्ञात चोर जेवरात और नगदी चोरी कर ले गए हैं। मामला दर्ज कर थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान दो युवकों द्वारा सोने की अंगूठी बेचने की सूचना मिली। पुलिस ने विकास बड़मे और मनीष नागेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जिसमें दोनों ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। जिले में खेती की बढ़ती लागत और मजदूरों की कमी के बीच किसान अब आधुनिक तकनीकों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। कटंगी विकासखंड के ग्राम कामठी के प्रगतिशील किसान देवीप्रसाद भगत ने 15 एकड़ भूमि में सुपर सीडर मशीन से डीएसआर (डायरेक्ट सीडेड राइस) पद्धति द्वारा धान की बुवाई कर नई पहल की है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन से क्षेत्र के किसानों में इस तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार डीएसआर पद्धति में धान की रोपाई के बजाय खेत में सीधे बीज बोए जाते हैं जिससे पानी और श्रम की बचत होती है। यह तकनीक खेती की लागत कम करने समय पर बुवाई सुनिश्चित करने और उत्पादन बढ़ाने में सहायक मानी जा रही है। इससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है। शहर में सिक्ख धर्म के पांचवें गुरु Guru Arjan Dev का शहीदी दिवस 18 जून को श्रद्धा भक्ति और सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सिक्ख समाज द्वारा विभिन्न चौक-चौराहों पर मीठे पानी की छबील लगाई गई जहां राहगीरों को शरबत वितरित किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने छबील का प्रसाद ग्रहण किया। वहीं गुरुद्वारों में विशेष अरदास और कीर्तन का आयोजन किया गया तथा श्रद्धालुओं के लिए लंगर सेवा भी संचालित की गई। सिक्ख समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि गुरु अर्जुन देव जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने अत्याचारों के सामने झुकने से इनकार किया और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहते हुए शहादत स्वीकार की। उनके जीवन से सत्य सेवा और त्याग की प्रेरणा मिलती है। मणिपुर की पारंपरिक मार्शल आर्ट ‘तांग-था’ को बालाघाट जिले में बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल की गई है। मध्य प्रदेश तांग-था एसोसिएशन द्वारा जिला कार्यकारिणी का गठन करते हुए प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के विस्तार पर जोर दिया गया है। एसोसिएशन के मुख्य सचिव शिवेंद्र सिंह परमार द्वारा बालाघाट जिला इकाई के लिए नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। इसमें किरण भाई त्रिवेदी को अध्यक्ष अनिल धुवारे को उपाध्यक्ष और संतोष पारधी को सचिव मनोनीत किया गया है। संस्था सचिव संतोष पारधी ने बताया कि 26 जून को भोपाल में आयोजित होने वाले रेफरी एवं जज ट्रेनिंग सेमिनार के लिए बालाघाट जिले से खिलाडिय़ों का नाम भेजा गया है। यह सभी प्रतिभागी प्रशिक्षण प्राप्त कर राज्य स्तर पर रेफरी के रूप में प्रतियोगिताओं में अपनी भूमिका निभाएंगे।