मां की गोद में आने के महज आठ दिन बाद ही एक मासूम जिंदगी जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने लगी। शहडोल की रहने वाली नवजात बच्ची की तबीयत लगातार बिगड़ने पर परिजन उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे जहां जांच में पता चला कि बच्ची के दिल में जन्मजात छेद है।हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने तत्काल बड़े सेंटर पर इलाज की सलाह दी। इसके बाद गुरुवार को बच्ची को एयर एम्बुलेंस से मुंबई के नारायणा अस्पताल रवाना किया गयाके प्रबंधक सुभाष शुक्ला ने बताया कि बच्ची को दो दिन पहले मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। लगातार हालत बिगड़ने के बाद विशेषज्ञों ने जांच की जिसमें गंभीर हृदय रोग की पुष्टि हुई। भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में उनके पति समर्थ सिंह की ओर से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई है जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है। ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से ही समर्थ सिंह फरार चल रहे हैं। समर्थ सिंह के अधिवक्ता सीनियर एडवोकेट मृगेंद्र सिंह का कहना है कि इस मामले की जांच कर रही एमपी पुलिस खुद संदेह के घेरे में है। वहीं ट्विशा के परिजनों ने समर्थ सिंह पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। इससे पहले समर्थ सिंह ने भोपाल जिला अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया था जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया है। वहीं समर्थ सिंह की मां गिरीबाला सिंह को भोपाल कोर्ट से पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है।समर्थ सिंह के अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने कहा कि ट्विशा के परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। शहपुरा के क्षतिग्रस्त ब्रिज मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 जून को होगी।शहपुरा निवासी राजेश सिंह राजपूत ने जनहित याचिका दायर कर बताया कि जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से बना पुल तीन वर्ष में क्षतिग्रस्त हो गया। पुल का हिस्सा टूटे तीन माह बीत चुके हैं लेकिन अब तक मरम्मत और निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसके चलते भारी वाहनों का ट्रैफिक शहपुरा नगर के भीतर से डायवर्ट किया गया है जिससे आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। आरोप लगाया गया कि खराब सड़क और अधूरे मार्ग के बावजूद टोल टैक्स की वसूली जारी है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कटनी-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना में मजदूरी के दौरान जान गंवाने वाले मजदूर के तीन नाबालिग बच्चों के हित में संवेदनशील फैसला सुनाया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक जैन ने बुधवार को लेबर कोर्ट को निर्देश दिए हैं कि अंतिम फैसला सुनाने से पहले मृतक के रोजगार से जुड़े जरूरी दस्तावेजों पर निर्णय लिया जाए। मामला सिवनी जिले के देवरी तहसील निवासी कुलपत दास कुलदीप से जुड़ा है। कुलपत कटनी-सिंगरौली रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य में मजदूरी कर रहे थे। 19 दिसंबर 2018 को काम के दौरान मालगाड़ी से कोयले का बड़ा टुकड़ा उनके ऊपर आ गिरा जिससे उनकी मौत हो गई थी।