बीजेपी पूर्व पार्षद के आगे पुलिस बेबस? दुष्कर्म का आरोपी पूर्व पार्षद एक माह बाद भी फरार पर्वती पुलिस पकड़ने मे नाकामयाब कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के दावों के बीच आष्टा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रिश्तों को कलंकित करने वाले गंभीर अपराध का आरोपी और पूर्व पार्षद बाबूलाल मालवीय एफआईआर दर्ज होने के एक महीने बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। : वारदात 8 अप्रैल 2026 की है। आरोप है कि पीड़िता के चचेरे भाई बाबूलाल मालवीय ने इस शर्मनाक घटना को अंजाम दिया। पुलिस की शुरुआती सुस्ती का आलम यह था कि पीड़िता को एफआईआर दर्ज कराने के लिए तत्कालीन एसपी के पास गुहार लगानी पड़ी जिसके बाद 12 अप्रैल को अपराध र्ज हुआ। पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल: रिपोर्ट लिखे एक महीना बीत चुका है लेकिन पुलिस आरोपी को ढूंढने में नाकाम रही है। पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि आरोपी अपने राजनीतिक रसूख के दम पर खुलेआम घूम रहा है और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। पीड़िता रजनी और उनके पति कमल सिंह मालवीय ने बताया कि आरोपी पक्ष लगातार केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं जिससे पूरा परिवार दहशत में जीने को मजबूर है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए मांग की है कि आरोपी को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर पीड़िता को न्याय दिला पाएगा या बेटी बचाओ का नारा केवल कागजों तक ही सीमित रहेगा?ताज़ा खबरें तुरंत अपडेट्स — सिर्फ EMS TV पर सब्सक्राइब करें और बेल आइकॉन दबाएं।