जबलपुर के स्लॉटर हाउस इलाके में हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले ने शहर में दहशत का माहौल बना दिया था लेकिन पुलिस की तेजी और रणनीति के चलते आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया गया। पुलिस अधिकारी पी.एस. बघेल ने बताया कि घटना में शामिल सभी नामजद आरोपियों को घेराबंदी कर हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।पूरी वारदात की जड़ एक शादी समारोह में हुआ मामूली विवाद बताया जा रहा है। 31 तारीख को हुए इस विवाद में सोहराब अहमद और उसके साथी मोनू की कहासुनी जीशान नाम के युवक से हो गई थी। यह झगड़ा कुछ ही समय में इतना बढ़ गया कि जीशान अपने साथियों के साथ स्लॉटर हाउस क्षेत्र पहुंचा और दोनों पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल मोनू को इलाज के लिए विक्टोरिया अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। जबलपुर न्याय की चौखट पर आखिरकार छोटा अरुण के हत्यारों को उनके किए की सजा मिल गई है। जुलाई 2022 के इस चर्चित और वीभत्स हत्याकांड में माननीय अपर जिला सत्र न्यायालय जबलपुर ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी 9 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश राजेश यादव ने साक्ष्यों की विवेचना के बाद यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। सजा पाने वालों में राजू समुद्र और रिंकू रानकृष्णा समुन्द्रेपप्पू सुदेशसाहिल समुन्द्रेजय समुन्द्रेअजय समुन्द्रेनीरज बिरहशुभम ननहेट जिन्होंने एक सोची-समझी साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया था। यह पूरा मामला 27 जुलाई 2022 का है जब छोटा अरुण अपनी मोटरसाइकिल से घर से निकला था। पुरानी रंजिश के चलते राजू समुद्र और रिंकू रान ने अपने साथियों को ललकारा और फिल्म स्टाइल में पीछा कर प्रेम सागर सुलभ कॉम्प्लेक्स के पास अरुण को घेर लिया। हमलावरों ने उसे मोटरसाइकिल से गिराकर चाकू और पत्थरों से गोदकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा को संसद से हटाए जाने के निर्णय का विरोध अब देश के विभिन्न हिस्सों में तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में संस्कारधानी जबलपुर में मध्य भारत मोर्चा के सदस्यों ने सड़क पर उतरकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का पोस्टर दहन किया और केंद्र सरकार व संबंधित प्रशासनिक निर्णयों की घोर निंदा की। पुलिस महानिदेशक मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्राप्त निर्देशों के बाद अब जबलपुर में नार्कोटिक्स ड्रग्स की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इस दिशा में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने आज पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के तमाम आला अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की। बैठक का मुख्य लक्ष्य अगले 3 वर्ष के भीतर जिले को पूरी तरह नशा मुक्त बनाना है। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 पल्लवी शुक्ला अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अंजना तिवारी सहित शहर और देहात के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी मौजूद रहे।