MP की 5600 फैक्ट्रियां बंद होने के कगार पर ईरान-इजराइल-अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर अब मध्य प्रदेश के डेट्रॉयट कहे जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर पर साफ दिखने लगा है। उद्योग संचालकों का कहना है कि हालात जल्द नहीं सुधरे तो आने वाला समय उद्योगों और मजदूरों के लिए मुश्किल भरा हो सकता है। पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी के मुताबिक यहां से होने वाला एक्सपोर्ट लगभग पूरी तरह रुक गया है। कच्चे माल की महंगाई और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग संकट के चलते उद्योगपति प्रोडक्शन घटा रहे हैं। इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ा है। फैक्टरियों में शिफ्ट कम हो रही हैं। कई जगह शट-डाउन की स्थिति बन गई है। सबसे ज्यादा असर अस्थायी मजदूरों पर पड़ा है। अनुमान है कि करीब 20 हजार कॉन्ट्रैक्ट वर्कर काम से बाहर हो चुके हैं। वहीं कई कंपनियों ने स्थायी कर्मचारियों को भी ले-ऑफ (छंटनी) पर डालकर आधी सैलरी देना शुरू कर दिया है। एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट 15 अप्रैल से पहले आएगा मध्यप्रदेश में एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। माध्यमिक शिक्षा मंडल इस साल 15 अप्रैल से पहले रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है जबकि संभावित तारीख 7 से 12 अप्रैल के बीच तय हो सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि सभी जरूरी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और रिजल्ट पूरी तरह त्रुटिरहित जारी किया जाएगा। इस बार करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए हैं ऐसे में समय पर परिणाम घोषित कर छात्रों को आगे की पढ़ाई में कोई देरी न हो यह विभाग की प्राथमिकता है। खतरे में एमपी के वन्यजीव विभाग में 8125 पद खाली टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश में साल 2026 में 3 महीनों में 14 बाघों की मौत हो चुकी है। पिछले साल 55 की जान गई थी। इस स्थिति के पीछे की वजह यह है कि प्रदेश में वन अमले में भारी कमी है। 31 प्रतिशत अधिकारी-कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। जंगलों में मैदानी अमला नहीं होने से जानवरों की सुरक्षा और देखभाल का संकट खड़ा हो गया है। वन विभाग की 31 मार्च को जारी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कुल 26079 पदों में से 8125 पद खाली हैं। 1 जनवरी 2026 की स्थिति में विभाग में करीब 18 हजार अधिकारी-कर्मचारी ही कार्यरत हैं जो मौजूदा जंगलों और वन्य जीवों के हिसाब से पर्याप्त नहीं हैं। विभाग में आईएफएस एसएफएस से लेकर महावत भृत्य और दफ्तरी स्तर तक के अधिकारी-कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। कई क्षेत्रों में स्थिति ऐसी है कि स्वीकृत पदों के मुकाबले एक भी अधिकारी पदस्थ नहीं है। प्रदेश के दो-बड़े मुद्दों पर जल्द अंतिम फैसले की उम्मीद मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण विवाद अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। हाई कोर्ट की जबलपुर मुख्यपीठ ने साफ संकेत दे दिए हैं कि इस लंबे समय से लंबित मामले में अब फैसला टालना संभव नहीं होगा। गुरुवार को सुनवाई में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने स्पष्ट कहा कि अब किसी भी स्थिति में सुनवाई स्थगित नहीं की जाएगी। कोर्ट लगातार तीन दिन 27 28 और 29 अप्रैल को इस केस की सुनवाई करेगा। इसमें ओबीसी आरक्षण से जुड़ी सभी याचिकाओं पर विस्तार से एक साथ सुनवाई होगी। अदालत ने सभी पक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी तैयारी के साथ आएं ताकि सुनवाई में कोई रुकावट न आए। MP के 42 जिलों में अलर्ट मध्य प्रदेश में ओले बारिश और आंधी का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। शुक्रवार को सुबह से भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए हैं। इससे पहले गुरुवार को प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में कहीं बारिश हुई तो कहीं तेज आंधी चली। सीहोर में पंचायत वेब सीरीज का सेट उड़ गया। मऊगंज में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत भी हो गई। मौसम केंद्र भोपाल ने शुक्रवार को कुल 42 जिलों में आंधी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। अलीराजपुर धार बड़वानी खरगोन खंडवा बुरहानपुर नरसिंहपुर छिंदवाड़ा और सिवनी में ऑरेंज अलर्ट है। वहीं भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर नीमच मंदसौर रतलाम झाबुआ आगर-मालवा राजगढ़ शाजापुर देवास गुना अशोकनगर विदिशा सीहोर हरदा बैतूल नर्मदापुरम रायसेन सागर निवाड़ी टीकमगढ़ छतरपुर दमोह मैहर कटनी उमरिया शहडोल डिंडौरी अनूपपुर मंडला और बालाघाट में तेज आंधी चलने और बारिश होने की चेतावनी दी गई है।