राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने देश के मौजूदा हालात को लेकर बड़ा बयान दिया है। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने साफ कहा कि देश किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि सभी नागरिकों का है इसलिए संकट के समय राजनीति से ऊपर उठकर एकजुटता दिखाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में किसी की आलोचना करना उचित नहीं है बल्कि सभी राजनीतिक दलों और लोगों को मिलकर देशहित में काम करना चाहिए। उनका यह भी कहना था कि राष्ट्रीय संकट के समय आपसी मतभेद भुलाकर साथ खड़ा होना ही सच्ची जिम्मेदारी है।सांसद तन्खा ने एलपीजी और पेट्रोल की कमी को लेकर जनता से अपील की कि घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार और प्रशासन इस समस्या को सुलझाने में जुटे हुए हैं और जल्द ही हालात सामान्य होंगे।उन्होंने कहा कि इस दौरान लोगों को धैर्य बनाए रखना चाहिए और अफवाहों से बचना चाहिए ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के निर्देशानुसार शहर में अवैध रूप से संचालित हो रहे विज्ञापनों और होर्डिंग्स के खिलाफ नगर निगम की होर्डिंग शाखा ने आज शनिवार को कड़ा रुख अपनाया। विजय नगर स्थित प्रसिद्ध एस.आर. मॉल द्वारा बिना पंजीकरण के विज्ञापन प्रदर्शित करने पर निगम ने 240000 रुपये की भारी पेनाल्टी लगायी। नगर निगम को सूचना मिली थी कि एस.आर. मॉल प्रबंधन द्वारा अपने परिसर में विज्ञापनों का प्रदर्शन बिना किसी वैधानिक पंजीकरण के किया जा रहा है। यह कृत्य एम.पी. आउटडोर मीडिया रूल्स 2017 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी के तहत निगम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जुर्माना अधिरोपित किया। सिविल लाइंस में चलती कार में अचानक लगी आग एसपी बंगले के जवानों ने पाया काबू टला बड़ा हादसा जबलपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में स्थित एसपी बंगले के पास शनिवार दोपहर एक चलती कार में अचानक आग लग गई. कार में आग की लपटें उठतीं देख चालक ने तुरंत कार रोकी और उतरकर मदद की गुहार लगाई. एसपी बंगले में तैनात पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए अग्निशामक यंत्रों की मदद से कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ आक्रोश सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन आंदोलन की दी चेतावनी जबलपुर में नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के नेतृत्व में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने मध्यप्रदेश में हाल ही में बढ़ाई गई बिजली दरों के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि प्रदेश में बिजली दरों पर तत्काल पुनर्विचार करते हुए आम उपभोक्ताओं को राहत दी जाए. मंच के अध्यक्ष डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने बताया कि 26 मार्च 2026 को म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं के हितों के सरासर खिलाफ है.