छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक भावनात्मक और प्रेरक दृश्य देखने को मिला जब आत्मसमर्पण कर चुके 140 पूर्व नक्सली सदन की कार्यवाही देखने पहुंचे। इनमें 55 महिलाएं और 86 पुरुष शामिल थे जो अब मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला पुनर्वासितों में से 36 बीजापुर और 16 कांकेर जिले से आई थीं। ये सभी पहले नक्सली संगठनों से जुड़े हुए थे लेकिन बाद में आत्मसमर्पण कर राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत समाज की मुख्यधारा में लौट आए हैं। विधानसभा परिसर में इन सभी पुनर्वासितों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों और नए अनुभवों को साझा किया। कई लोगों ने बताया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर अब वे सामान्य जीवन जी रहे हैं और रोजगार व शिक्षा से जुड़ रहे हैं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह परिवर्तन राज्य सरकार की प्रभावी पुनर्वास नीति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी भटक गए थे वे अब विकास की मुख्यधारा में शामिल होकर सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ रहे हैं। दुर्ग जिले के छावनी थाना क्षेत्र के सोनकर मोहल्ले में दो नाबालिगों के बीच हुआ मामूली विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और CCTV से निगरानी की जा रही है। पुलिस के अनुसार विवाद के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मारपीट व पत्थरबाजी हुई। इस दौरान पुलिस टीम को भी विरोध का सामना करना पड़ा। घटना में पुलिस जवानों सहित 4 से 6 लोग घायल हुए हैं।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि हालात नियंत्रण में हैं और शांति समिति की बैठक के जरिए तनाव कम करने की कोशिश की जा रही है। दोनों पक्षों के कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के एम.टेक प्रवेश को लेकर उठे विवाद पर सरकार सख्त हो गई है। तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि बिना विभागीय अनुमति पढ़ाई करने वालों पर कार्रवाई होगी। मंत्री ने बताया कि शासकीय कर्मचारियों के लिए विभागीय NOC और अवकाश की अनुमति अनिवार्य है। कुछ मामलों में बिना अनुमति प्रवेश की जानकारी मिलने पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एम.टेक में 75% उपस्थिति अनिवार्य है और निर्धारित उपस्थिति पूरी करने वाले छात्रों को ही परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में बालोद में आयोजित राष्ट्रीय जम्बूरी में कथित अनियमितताओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। राघवेंद्र सिंह ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा जिससे सदन का माहौल गरमा गया। प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने जम्बूरी आयोजन से जुड़े कई सवाल उठाए जिनमें स्काउट-गाइड के पदेन अध्यक्ष आयोजन स्थल के चयन क्रियान्वयन एजेंसी और शिकायतों पर जांच की स्थिति शामिल रही। इस मुद्दे पर कुंवर सिंह निषाद ने भी जांच की मांग करते हुए सरकार से जवाब देने को कहा। राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है।मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है जो सिमरन सिटी क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार तीनों मजदूर टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे जहां जहरीली गैस के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरण के टैंक में उतारा गया और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं वहीं स्थानीय लोगों ने जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मचारियों की मौत का मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सफाई कार्य करने वाली एजेंसी की जिम्मेदारी थी किकर्मचारियों को सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।बघेल ने सवाल उठाया कि बिना सुरक्षा के कर्मचारियों को इस तरह के खतरनाक काम में क्यों उतारा गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मामले में दोषी चाहे हॉस्पिटल प्रबंधन हो या संबंधित एजेंसी सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।