8 19 और 20 मार्च को बारिश होने का अनुमान मध्य प्रदेश में 18 मार्च से स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। इससे अगले 3 दिन तक प्रदेश के आधे जिलों में आंधी बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा। भोपाल इंदौर ग्वालियर उज्जैन और जबलपुर में भी असर दिखेगा। इससे पहले सोमवार को पूरे प्रदेश में गर्मी का असर रहा। मंगलवार को भी तेज गर्मी रहेगी। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रभावित करेगा। जिसका असर एमपी में भी देखने को मिलेगा। इसलिए 18 19 और 20 मार्च को बारिश होने का अनुमान है। फर्जी प्रमाणपत्र से आबकारी विभाग में 35 साल नौकरी ग्वालियर के आबकारी अफसर राजेश हेनरी पर आपराधिक षड्यंत्र करके फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप है। आरोप है कि इस फर्जी प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर वह पिछले 35 साल से आबकारी विभाग में नौकरी कर रहे हैं। दरअसल इंदौर के रहने वाले वकील और आरटीआई एक्टिविस्ट राजेंद्र गुप्ता ने ग्वालियर के आबकारी विभाग में पदस्थ अपर आयुक्त राजेश हेनरी के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने बताया है कि राजेश हेनरी ने साल 1990-91 में फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाकर आपराधिक षडयंत्र किया जिसके आधार पर अपने आप को आदिवासी समुदाय का होना बताकर आबकारी विभाग में नौकरी हासिल की। BSF के ब्लैक कमांडो राजपाल सिंह का निधन सीमा सुरक्षा बल (BSF) में ब्लैक कमांडो के पद पर दिल्ली में पदस्थ जवान राजपाल सिंह राजपूत का 15 मार्च को एक हादसे में निधन हो गया जिनकी अंतिम यात्रा आज सुबह देवास से शुरू होकर उज्जैन स्थित उनके पैतृक गांव खजुरिया पहुंची। BSF जवान राजपाल सिंह राजपूत वर्तमान में दिल्ली स्थित प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ थे और 15 मार्च को एक आकस्मिक दुर्घटना में उनका निधन हो गया था। जज खुद परिसर का मुआयना करेंगे धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने साफ किया है कि इस विवाद की संवेदनशीलता और तकनीकी पहलुओं को समझने के लिए जज खुद 2 अप्रैल से पहले परिसर का मुआयना करेंगे. बधौरा अदानी प्लांट हंगामा: जांच टीम गठित सिंगरौली जिले के बधौरा स्थित अदानी पावर प्लांट में शुक्रवार को हुए हंगामे के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर गौरव बैनल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। यह कदम प्लांट परिसर में तोड़फोड़ आगजनी और श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद उठाया गया है। जानकारी के अनुसार मजदूरों ने श्रम कानूनों के उल्लंघन को लेकर कई गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं। इनमें समय पर वेतन न मिलना ओवरटाइम का भुगतान न होना श्रमिकों के साथ लापरवाहीपूर्ण व्यवहार और श्रम नियमों का पालन न करना शामिल है। इन्हीं शिकायतों के कारण मजदूरों में आक्रोश बढ़ा और यह मामला हंगामे में बदल गया।