MP में भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा अभ्यर्थियों ने एक घंटे तक माउस को हाथ तक नहीं लगाया मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा-2024 में बड़े स्तर पर हुई गड़बड़ी के मामले में रतलाम पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस की दो टीमें अलग-अलग स्थानों पर जुटी हैं। रतलाम के सबसे बड़े परीक्षा केंद्र रतलाम पब्लिक स्कूल में पुलिस ने स्कूल की संचालिका संयोगिता सिंह से भी पूछताछ की और पूरे स्कूल का नक्शा तैयार किया जिसमें परीक्षा के दौरान सभी कमरों रास्तों और स्टाफ की उपस्थिति का विवरण शामिल किया गया है। एसपी अमित कुमार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। जांच में सामने आया कि 12 अभ्यर्थियों ने परीक्षा बहुत तेजी से पूरी की। दो घंटे की परीक्षा में पहले एक घंटे तक चुपचाप बैठे रहे और माउस को हाथ तक नहीं लगाया उसके बाद 15 अभ्यर्थियों ने 15 मिनट में और 30 मिनट में 100 प्रश्न हल कर लिए। यह असामान्य गति देख पुलिस ने संदेह व्यक्त किया। अपनी ही सरकार के PWD की खोली पोल गुना से BJP विधायक पन्नालाल शाक्य ने सड़क निर्माण में हो रही लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अनोखा मोर्चा खोल दिया है. करोड़ों की लागत से बन रही PWD विभाग की सड़क का जब विधायक ने औचक निरीक्षण किया तो वे उसकी क्वालिटी देखकर इतने नाराज हुए कि उन्होंने खुद हथौड़ा उठाकर सड़क को खोदना शुरू कर दिया.PWD विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को जब निरीक्षण की खबर मिली तो वे दौड़े दौड़े विधायक के पास पहुंचे. लेकिन तब तक विधायक पन्नालाल शाक्य नहीं रुके. 46 लाख लोगों की संपत्ति रजिस्ट्री का खर्च उठाएगी सरकार भोपाल में मंत्रालय में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार ने कई अहम फैसले लिए। कैबिनेट ने भूमि स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के 46 लाख ग्रामीणों की संपत्ति रजिस्ट्री का स्टांप शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से सरकार पर करीब 3000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च आएगा। 4865 युवा बनेंगे ‘सीएम यंग इंटर्न प्रदेश में सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने के लिए राज्य सरकार ‘सीएम यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस’ कार्यक्रम शुरू करेगी। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रदेश के हर ब्लॉक से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा। कुल 4865 युवाओं को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। उन्हें 10 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। 2 दिन से कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी ठप ईरान-इजराइल युद्ध के असर से मध्य प्रदेश में 2 दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप है। इस वजह से सबसे ज्यादा संकट होटल-रेस्टॉरेंट इंडस्ट्रीज पर आया है। वहीं जिन घरों में शादी है वे टेंशन में हैं। कैटरर्स का कहना है कि ये इमरजेंसी जैसी स्थिति है। जिन घरों में शादी है वे कैसे होंगी? अकेले भोपाल में ही 20 दिन में एक हजार से ज्यादा शादियां हैं। प्रदेश सरकार ने कलेक्टरों से कहा है कि रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के कदम उठाएं और स्टॉक की समीक्षा करें। होटल मॉल बल्क एलपीजी सिलेंडर उपयोग करने वाले औद्योगिक क्षेत्र और फैक्ट्रियों को फिलहाल सिलेंडर नहीं दिए जाएंगे।