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19-Jan-2026

खनिज मंद से स्वीकृत तीन पंचायत में करोड़ों का फंड पर एक ही ठेकेदार हावी केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन का वार्षिक मिलन समारोह आयोजित गुजरी बाजार निरीक्षण पर विधायक अनुभा मुंजारे नाराज नपा को लगाई फटकार परसवाड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहनपुर कावेली और चालीसाबोड़ी में प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (डीएमएफ) के तहत मिले करोड़ों रुपये का फंड विकास की बजाय भ्रष्टाचार की गवाही देता नजर आ रहा है। सवाल यह नहीं है कि कार्य हुए या नहीं बल्कि यह है कि डीएमएफ का लाभ केवल इन्हीं तीन पंचायतों तक क्यों सीमित रहा और लगभग सभी निर्माण कार्य एक ही ठेकेदार देवेश पटले को कैसे सौंप दिए गए। सूत्रों के अनुसार इन पंचायतों में डीएमएफ राशि के दुरुपयोग की चर्चाएं आम हैं। जबकि इस फंड का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिक्षा सड़क और जल संरक्षण जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास करना है। परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में विकास की यह “बारिश” केवल तीन पंचायतों पर ही क्यों हुई यह बड़ा सवाल बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावशाली जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक संरक्षण के बिना ऐसा संभव नहीं जिससे पूरे मामले पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। बालाघाट केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन का वार्षिक मिलन समारोह 19 जनवरी सोमवार को शहर स्थित एक निजी लॉन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ऑल इंडिया केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महासचिव राजीव सिंघल रहे जबकि अध्यक्षता मध्यप्रदेश केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौतमचंद धींग ने की। विशेष अतिथि के रूप में संगठन सचिव मनोज पमनानी पीआरओ सुरेश चौकसे कोषाध्यक्ष दीनदयाल तिवारी और सहसचिव अशोक जैन उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत जिला अध्यक्ष सुरेश सोनी सहित पदाधिकारियों ने किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने केमिस्ट एवं ड्रगिस्टों की समस्याओं दवा व्यवसाय में सफलता के उपायों पर विचार रखे और संगठन की एकजुटता पर बल दिया। समारोह में जिलेभर के बड़ी संख्या में केमिस्ट व ड्रगिस्ट शामिल हुए। विधायक अनुभा मुंजारे ने आज 19 जनवरी को नगर मुख्यालय स्थित गुजरी बाजार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बाजार में फैली गंदगी और सफाई व्यवस्था की बदहाली को देखकर उन्होंने नगरपालिका प्रशासन पर कड़ी नाराजगी जताई। विधायक ने मौके पर ही नगर पालिका के स्वास्थ्य अमले को तलब कर तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुजरी बाजार में नियमित सफाई नहीं होने पर नपा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। श्रीमती मुंजारे ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार स्वच्छता अभियान चलाने का दावा कर रही है लेकिन बालाघाट में लंबे समय से सत्ता में काबिज भाजपा शासित नगर पालिका इस अभियान को गंभीरता से नहीं ले रही है। सफाई के अभाव में बाजार में गंदगी का अंबार लगा है जिससे सब्जी विक्रेताओं सहित अन्य दुकानदारों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धान खरीदी पर उठे सवाल बाहरी धान खपाने की आशंका जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अब सवालों के घेरे में आ गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब 6 प्रतिशत अधिक धान की खरीदी दर्ज की गई है जबकि कई क्षेत्रों में उत्पादन प्रभावित रहा है। धान खरीदी की अंतिम तिथि 20 जनवरी है ऐसे में आंकड़ों में और बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। हाल ही में परसवाड़ा क्षेत्र में दो ट्रकों में पकड़ी गई धान को खरीदी केंद्रों में खपाने की तैयारी का खुलासा हुआ जिस पर प्रशासन ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इससे बिचौलियों द्वारा अन्य जिलों या राज्यों से धान लाकर खपाने की आशंका मजबूत हुई है। इस वर्ष लांजी किरनापुर सहित कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि और माहू रोग से फसल को नुकसान हुआ है। बावजूद इसके जिले में अब तक 1 लाख 16 हजार 597 किसानों से 60 लाख 42 हजार 214 क्विंटल धान खरीदी गई है। किसानों को 1094 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है जबकि 3518 किसानों से खरीदी शेष है। अब तक 52 लाख 73 हजार 280 क्विंटल धान का परिवहन किया जा चुका है। **कान्हा से नौरादेही भेजा गया नर बाघ संरक्षण की दिशा में अहम कदम** बाघ संरक्षण एवं प्रबंधन की वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत कान्हा टाइगर रिजर्व से एक नर बाघ को सुरक्षित रूप से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही के लिए रवाना किया गया है। इस नर बाघ को पूर्व में पेंच टाइगर रिजर्व के रूखड़ परिक्षेत्र सिवनी से रेस्क्यू किया गया था जब उसकी उम्र मात्र 4 से 5 माह थी। इसके बाद उसे कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की स्थित घोरेला रिवाइल्डिंग बाड़े में रखा गया जहां उसे प्राकृतिक शिकार और स्वतंत्र विचरण का प्रशिक्षण दिया गया। वर्तमान में लगभग तीन वर्ष का यह बाघ पूरी तरह स्वस्थ पाया गया है और जंगल में स्वतंत्र जीवन के लिए सक्षम है। विशेषज्ञों की सलाह पर उसे नौरादेही टाइगर रिजर्व स्थानांतरित किया गया। मानक प्रोटोकॉल के तहत बाघ को सैटेलाइट रेडियो कॉलर पहनाया गया है जिससे उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सकेगी।