उत्तराखंड में पंचायत चुनाव के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। पंचायतों के अध्यक्ष पद को लेकर अनन्तिम आरक्षण सूची जारी होने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर साम दाम दंड भेद की नीति अपनाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने आरक्षण प्रक्रिया में मनमानी की है और सत्ता के दम पर लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश की है वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता ने भाजपा को लोकसभा विधानसभा नगर निगम और अब नगर पंचायत में भी भरपूर समर्थन दिया है। आरक्षण प्रक्रिया पूरी तरह से विधि सम्मत है। कानून सबके लिए समान है। किसी को यदि आपत्ति है तो वह वैधानिक रूप से आपत्ति दर्ज कर सकता है। विपक्ष अपनी स्थिति को लेकर भ्रमित और भौखलाया हुआ है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की बीसवीं किस्त आज जारी हुई पीएम नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से एक यह किश्त जारी की वहीं उत्तराखंड की बात करे तो देहरादून में सीएम पुष्कर धामी की अध्यक्षता में आयोजित कृषि कल्याण कार्यक्रम किया गया जिसमे कृषि मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद इस कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के 8 लाख 28 हज़ार 787 किसानों को मिली सौगात प्रदेश में 184.25 करोड़ रुपये की धनराशि किसानों को मिली। सीएम धामी ने इस मौके पर कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं जिनके माध्यम से किसानों के खातों में धनराशि डीबीटी के माध्यम से जमा गई।\]\\ मसूरी होम स्टे एसोसिएशन द्वारा आज पर्यटन कार्यालय में सहायक पर्यटन अधिकारी के साथ बैठक का आयोजन किया गया जिसमें 1 अगस्त से पर्यटकों के पंजीकरण को लेकर वार्ता की गई और होम स्टे संचालकों के नवीनी पंजीकरण को लेकर भी कार्यवाही की गई सहायक पर्यटन अधिकारी द्वारा होम स्टे संचालकों को आस्वस्त किया गया कि मसूरी में सप्ताह में एक बार सहायक पर्यटन अधिकारी द्वारा होमस्टे पंजीकरण को लेकर शिविर लगाया जाएगा l इस मौके पर सहायक पर्यटन अधिकारी हीरालाल आर्य नहीं बताया कि पूर्व में हम स्टे संचालकों के साथ एक बैठक आयोजित की गई थी जिसमें उन्हें पर्यटकों के पंजीकरण को लेकर जानकारी दी गई थी जिस पर हम स्टे संचालकों द्वारा अनुरोध किया गया था कि मसूरी में पंजीकरण को लेकर काफी परेशानी होती है और ऐसे में सप्ताह में एक दिन शिविर का आयोजन किया जाना चाहिए जिस पर उच्च अधिकारियों द्वारा निर्देशित किया गया कि मसूरी में सप्ताह में एक बार शिविर लगाया जाएगा उत्तराखंड में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के आरक्षण को लेकर प्रदेश स्तर पर सियासी बयानबाज़ी शुरू हो गई है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन ने स्पष्ट कहा कि सरकार ने आरक्षण की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और संवैधानिक संतुलन के साथ लागू किया है। कमलेश रमन ने कहा कि इस प्रक्रिया में महिलाओं अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों – सभी को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरी निष्ठा से यह सुनिश्चित किया है कि समाज के हर वर्ग को समान भागीदारी मिले। बारह जिलों में जहां अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण हुआ है उनमें महिलाओं को भी सशक्त रूप से स्थान मिला है। यह समाज के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय है। सोनप्रयाग से गौरीकुण्ड के मध्य सड़क मार्ग बाधित होने के कारण विगत कुछ दिवसों से अस्थाई तौर पर केदारनाथ की यात्रा रुकी हुई थी केवल वापस आ रहे यात्रियों को सुरक्षा बलों की मदद से वैकल्पिक पैदल मार्ग से वापस लाया जा रहा था। आज मुख्य सड़क मार्ग जो कि कुछ हद तक पैदल चलने लायक हो चुका है पर आवागमन हेतु सुचारु होने पर सोनप्रयाग से यात्रियों के ग्रुप को गौरीकुण्ड होते हुए केदारनाथ के लिए भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षतिग्रस्त हुए स्थल पर वाहनों के आवागमन शुरू होने तक श्रद्धालुओं को तकरीबन 22 कि.मी. पैदल केदारनाथ धाम की यात्रा करनी होगी। रुड़की के मलकपुर चुंगी स्थित होटल श्रीनिवास में सिविल लाइंस पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 युवतियों और 5 युवकों को आपत्तिजनक हालत में हिरासत में लिया है। गिरफ्तारों में होटल का मैनेजर भी शामिल है। बताया जा रहा है कि इस होटल में लंबे समय से देह व्यापार का गोरखधंधा चल रहा था। ग्राहकों की डिमांड पर युवतियों को बाहर भी भेजा जाता था। कोतवाली प्रभारी मणिभूषण श्रीवास्तव के मुताबिक सभी से पूछताछ जारी है नामों का खुलासा कार्रवाई पूरी होने के बाद किया जाएगा। कभी कभी कोई ऐसी घटना सामने आती है जी अपने आप में एक कहानी होती है और आप को संबल प्रदान करती है । आज सोसल मीडिया के जमाने में लोग जहां टेक री टेक कर वीडियो बना बना कर अपने प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे है वही दूरस्थ पहाड़ी इलाके से एक वीडियो सामने आई है जिसमे प्राथमिक विद्यालय (खाल) पोखरी में तैनात एक बुजुर्ग गांव की महिला जो की भोजनमाता के रूप में कार्यरत है वह ऐसे फर्राटेदार अंग्रेजी बोल रही है की पढ़े लिखे लोग भी इतनी साफ़ ढंग से नहीं बोल पाते ।