उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र बीती 18 फरवरी से शुरू हो चुका है। बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभीभाषण से शुरू हुई। लेकिन इस दौरान एक असहज करने वाली स्थिति सदन में देखने को मिली। कांग्रेस द्वाराहाट विधायक मदन सिंह बिष्ट के द्वारा राज्यपाल के अभीभाषण के दौरान आरोप लगा कि उन्होंने सदन में अमर्यादित टिप्पणी करी है। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। मामला यहां तक पहुंचा कि संसदीय कार्य मंत्री ने विधायक मदन बिष्ट पर शराब पीकर सदन में आने के आरोप तक लगाए। वहीं विधायक ने भी इनका खंडन करते हुए मानहानि का केस करने की बात कही। इसी के साथ अब इस मामले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के भी इसमें बयान सामने आने लगे हैं। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा. निर्दलीय विधायक उमेश कुमार विधानसभा में बैनर पोस्टर पर अपनी मांगों को लेकर पहुंचे. उमेश कुमार ने कहा है कि मूल निवास भू कानून और किसानों के बिजली के बिल को सरकार माफ करे. उमेश कुमार ने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े हुए मुद्दों पर सरकार अपना ध्यान दें.. वरना सड़क से लेकर सदन तक विरोध जारी रहेगा मुख्यमंत्री से हुई cds अनिल चौहान की मुलाकात को लेकर सरकार के वरिष्ठ मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि यह बेहद सौभाग्य की बात है कि देश के पहले रक्षा प्रमुख बिपिन रावत भी उत्तराखंड से थे और दूसरे सीडीएस अनिल चौहान भी उत्तराखंड से हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह भी बड़ी उपलब्धि है कि यह दोनों पौड़ी जिले से हैं। मंत्री धन सिंह रावत ने मुख्यमंत्री से हुई सीडीएस की मुलाकात के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आगामी मई के महीने में सीडीएस अनिल चौहान के पौड़ी जनपद में मौजूद गांव में सरकार एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। उत्तराखंड में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है कल उत्तराखंड सरकार में संसदीय कार्यमंत्री और कांग्रेस विधायक के बीच तू तू मैं मैं हुई है जिसपर मंत्री ने कांग्रेस विधायक पर शराब पीकर आने का आरोप लगाया इसपर उत्तराखंड विधानसभा ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि उनको कांग्रेस के विधायकों को सलाह देने की जरूरत नहीं है जिस प्रकार का बयान संसदीय कार्यमंत्री ने दिया है उसकी निंदा करते है सदन में उसका विरोध करेंगे उसके साथ साथ ज़रूरी हुआ तो वैधानिक सलाह भी ली जायेगी। एक तरफ़ उत्तराखण्ड देव भूमि कही जाती है जहां चारों धामों के साथ हेमकुंड साहब और पीरान कलियर जैसे धार्मिक स्थल है । यह वही राज्य है जिसे बनावाने के लिये यहाँ की मातृशक्तिओं ने संघर्ष ही नहीं किया बल्कि कई क़ुर्बानियाँ दी । दूसरी तरफ़ रह रह कर यहाँ के लोग भले कुछ न करे लेकिन जन प्रतिनिधि येसी एसी हरकत कर रहे है जिससे यह देवभूमि रह रह कर शर्मसार होती रहती है ।अभी दो माननीय का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि एक कांग्रेसी विधायक पर आरोप है कि वह सत्र के दौरान शराब के नशे में थे और सदन की मर्यादा के विपरीत कार्य किया । सदन में अभद्र भाषा का उपयोग किया । सभी मर्यादाओं को लाघने का आरोप है ।