राज्य
मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम तट पर उमड़ी लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। अफवाहों और अव्यवस्था के कारण मची भगदड़ में दर्जनों लोगों की जान चली गई जबकि सैकड़ों घायल हो गए। चीख-पुकार और लहूलुहान शवों के बीच मदद की गुहार लगाते लोगों को जब प्रशासन की व्यवस्था असफल होती दिखी तब मानवता के असली नायक सामने आए—प्रयागराज के मुस्लिम समुदाय के लोग।